31 अगस्त 2024: हरियाणा की कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने आज भाजपा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) पर तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पिछले नौ साल 11 महीने से भर्तियों को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय रहा है। सैलजा ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार चुनावी लाभ उठाने के लिए अब भर्ती की अनुमति मांग रही है, जो जनता को गुमराह करने की एक कोशिश है।
कुमारी सैलजा ने अपने बयान में कहा, “हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पिछले नौ साल 11 महीने से भर्तियों के मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इस लंबे समय तक आयोग की निष्क्रियता ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। अब जब चुनाव नजदीक हैं, भाजपा सरकार अचानक भर्ती की अनुमति मांग रही है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि भाजपा सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए काम कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है।”
सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा की यह चाल पूरी तरह से राजनीतिक है और इसका उद्देश्य केवल चुनावी वोट बटोरना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने लंबे समय तक बेरोजगारी की समस्या को नजरअंदाज किया और अब जब चुनाव सामने हैं, तो वे अचानक इस मुद्दे को उठाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रही है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, जो राज्य के विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्तियों की जिम्मेदारी संभालता है, पर लंबे समय से भर्तियों को लेकर शिकायतें आ रही हैं। आयोग की धीमी प्रक्रिया और निष्क्रियता की वजह से कई योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल सके हैं।
कुमारी सैलजा के अनुसार, आयोग की इस निष्क्रियता ने राज्य के युवाओं के करियर को प्रभावित किया है और बेरोजगारी की समस्या को बढ़ावा दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर इस मुद्दे को नजरअंदाज किया और अब चुनाव के समय इसे उठाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने कुमारी सैलजा के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वे भर्तियों के मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि भर्तियों की प्रक्रिया में कई कानूनी और प्रशासनिक मुद्दे होते हैं, जिन्हें हल करना आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा युवाओं की भलाई और उनके भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दी है।
कुमारी सैलजा की आलोचनाओं और भाजपा के जवाब से यह स्पष्ट होता है कि भर्तियों का मुद्दा हरियाणा में एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन सकता है। यह स्थिति भाजपा के लिए एक चुनौती हो सकती है क्योंकि चुनाव नजदीक हैं और पार्टी को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
इस बीच, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों की प्रक्रिया पर नजर रखने वाले युवाओं और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह महत्वपूर्ण है कि सरकार भर्ती की प्रक्रिया को जल्द और पारदर्शी तरीके से पूरा करे ताकि बेरोजगारी की समस्या को हल किया जा सके।
कुमारी सैलजा ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की लंबे समय से निष्क्रियता और भाजपा सरकार के चुनावी चालाकी पर तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार अब अचानक भर्तियों की अनुमति मांग रही है ताकि चुनावी लाभ उठाया जा सके, जो जनता को गुमराह करने की एक कोशिश है। इस मुद्दे की गंभीरता और चुनावी परिदृश्य पर इसका प्रभाव भविष्य में देखा जाएगा।
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