नरेश मीणा पर हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान ‘मीणा राजनीति संभालेंगे नरेश और मनोज’
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर मीणा समाज की भूमिका और नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसकी वजह बना है निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा, जो राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के दौरान SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मारने के आरोप में पिछले सात महीने से जेल में बंद हैं। लेकिन अब नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नरेश मीणा को लेकर एक बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी कर दी है।
बुधवार शाम जयपुर में SI भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कराने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने कहा –
“आने वाले समय में नरेश मीणा और मनोज मीणा जैसे नेता राजस्थान में मीणा राजनीति को संभालेंगे।”
यह बयान न केवल नरेश मीणा की राजनीतिक स्वीकार्यता की ओर इशारा करता है, बल्कि मीणा समाज में नेतृत्व के नए चेहरों को सामने लाने का संकेत भी देता है।
समरावता उपचुनाव के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मारा था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और तब से अब तक वे करीब 7 महीने से जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज हो चुकी हैं।
मीणा समाज के लोग लगातार नरेश की रिहाई की मांग कर रहे हैं और इस सिलसिले में बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में नरेश मीणा के बेटे अनिरुद्ध मीणा हिस्सा ले रहे हैं और समाज को एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील कर रहे हैं।
राजस्थान युवा शक्ति एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष मनोज मीणा ने हनुमान बेनीवाल के बयान का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा –
“नेता जी, आपके भरोसे पर मैं हमेशा खरा उतरूंगा. आपका स्नेह सदैव बना रहे.”
मनोज मीणा ने 24 जून को लिखा था कि नरेश मीणा के केस और रिहाई को लेकर युवा साथियों के साथ एक बैठक बुलाई जाएगी, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि
“यह समय हमारी एकता और संघर्ष की ताकत दिखाने का है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमें एकजुट होना होगा।”
हनुमान बेनीवाल ने पहले भी नरेश मीणा को अपनी पार्टी RLP (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) से टिकट देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था –
“अगर नरेश RLP के टिकट पर चुनाव लड़ता, तो आज वह विधायक होता। लेकिन उसने मना कर दिया। अब वह जेल में है, मगर अपनी लड़ाई सही तरीके से लड़ रहा है।”
मीणा समाज के युवाओं में बढ़ती राजनीतिक चेतना और संघर्ष की भावना, इस पूरे घटनाक्रम से साफ नजर आती है। नरेश मीणा की रिहाई की मांग केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक आंदोलन का रूप लेती जा रही है। हनुमान बेनीवाल जैसे वरिष्ठ नेता का समर्थन इस आंदोलन को और धार दे सकता है।
अब देखना यह है कि नरेश मीणा की रिहाई कब होती है, और क्या वे भविष्य में वाकई मीणा राजनीति के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरते हैं या नहीं। लेकिन इतना तय है कि राजस्थान की राजनीति में एक नया उबाल आने वाला है।
यह भी पढ़े:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विज़न को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी…
राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को बड़ा सियासी…
अप्रैल की शुरुआत से ही देश के कई राज्यों में गर्मी ने तेजी पकड़ ली…
AAP में बड़ी फूट की खबर सामने आई है। 'आम आदमी पार्टी' के संस्थापक सदस्य…
मुंबई, महाराष्ट्र, भारत कुछ लोग सिर्फ दावे करते हैं और कुछ लोग दावे साबित करते…
देहरादून में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां…