Kanpur: मां के हत्यारोपी बेटे का कबूलनामाKanpur: मां के हत्यारोपी बेटे का कबूलनामा

Kanpur: मां के हत्यारोपी बेटे का कबूलनामा

समाज में कुरीतियां थमने का नाम तो बिल्कुल भी नहीं ले रही है बल्कि इसकी जगह ये कुरीतियां समाज में उन रिश्तों को तार तार करती हुई नजर आ रही है, जो हमेशा से मान-सम्मान के बंधन में बंधे है… जिन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है, जी हां मैं बात कर रही हूं धरती पर साक्षात भगवान का रूप कहे जाने वाले मां-बाप की। मां-बाप अपनी संतान को हर वो सुख देना चाहते हैं, जिससे शायद कभी वो वंचित रहे हो कहने का मतलब है कि, हर वो खुशी वो अपने बच्चे को देते हैं जिसकी वो मांग करते हैं। लेकिन कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है…

जिसे सुनकर आप हक्के बक्के रह जाएंगें। और शायद ये मामला सुनने के बाद हर वो मां-बाप सतर्क हो जाएंगे… जिनकी परवरिश पर सवाल उठ रहे हो या बच्चा उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए तैयार ही ना हो। जी हां, कानपुर के रावतपुर का ये मामला ऐसा ही है… जहां 12 वीं क्लास में पढ़ रहे बच्चे ने अपनी मां को सिर्फ और सिर्फ इसलिए मार दिया, क्योंकि मां ने गुस्से में उसका साउंड बॉक्स फेंक दिया था। इस वाक्य पर आप क्या कहेंगे हमें कमेंट बाक्स में जरूर बताइएगा

एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने इस मामले के बारे में बताया कि जब पुलिस उर्मिला का हाल जानने के लिए मंगलवार को अस्पताल पहुंची तो वहां पर अन्य परिजन भी मौजूद थे। एसीपी के मुताबिक घटना के बाद ही आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया गया था।

एसीपी ने बताया कि, वहां से सारी जानकारियां हासिल करने के बाद वो देर रात रावतपुर थाने पहुंचे। जहां पर छात्र को रखा गया था। उसके खान पान का इंतेजाम कराने के बाद एसीपी खुद उसके साथ बैठे। एसीपी के मुताबिक छात्र को थोड़ा साइकोलॉजिक्ल तरीके से दबाव में लिया और उसने सच्चाई उगल दी।

जब छात्र टूटा तो उसने पुलिस को घटना की पूरी कहानी बयान की। छात्र ने कहा कि, मंगलवार को वो बर्तन धोने का काम कर रहा था और साउंड बॉक्स में तेज आवाज में गाना बज रहा था। मां उर्मिला दवा लेकर लेटी हुई थी। उसी दौरान मां ने कुछ कहा मगर साउंड बॉक्स में तेज गाने की आवाज में उसकी आवाज दब गई और छात्र को सुनाई नहीं पड़ा।

इसी पर मां गुस्से में आई और उसने साउंड बॉक्स उठाकर जमीन पर पटक दिया। मुझे भी गुस्सा आ गया। मैं समझ नहीं पा रहा था कि इस बात पर रिएक्ट कैसे करूं। कुछ सेकेंड्स में ऐसा लगा कि मां को धक्का देना चाहिए और मैने वही किया। मैने मां को धक्का दे दिया। वो जमीन पर गिर पड़ी और उसकी नाक से खून आने लगा

खून देखकर मैं डर गया था। मुझे लगा कि इस हालत में मां को बाकी घरवालों ने देख लिया तो मुझे छोड़ेंगे नहीं। मुझे डांट और मार दोनों पड़ेगी। फिर मैने दुप्पट्टा लिया और मां के गले में कस दिया। थोड़ी ही देर में मां के शरीर में हरकत होना बंद हो गई।

अकेले बेड में कैसे छुपाया। इस पर भी छात्र ने पूरी घटना बताई। उसने कहा कि मां भारी थी और मैं उसे सीधे बेड के अंदर नहीं धकेल सकता था। मैने उस दुप्पट्टे को पकड़ा जो कि उसके गले में कसा हुआ था। उसे पकड़कर घसीटा और मां को सोफे पर चढ़ाया। वहां से बेड के अंदर धकेल दिया। उसके ऊपर से बिस्तर आदि रख दिए थे। छात्र बोला मैं मां को मारना नहीं चाहता था मगर गुस्से में सब होता चला गया।

वही अब बच्चे को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह इटावा भेज दिया गया है।

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