मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
कुछ लोग सिर्फ दावे करते हैं और कुछ लोग दावे साबित करते हैं। कंसाई नेरोलैक (Kansai Nerolac) ने मुश्किल रास्ता चुना।
भारतीय पेंट उद्योग में अपनी तरह के पहले वैज्ञानिक प्रमाणीकरण (scientific validation) में भारत के प्रतिष्ठित और सबसे भरोसेमंद पेंट ब्रांडों में से एक, कंसाई नेरोलैक ने पृथ्वी से 86,000 फीट ऊपर एक स्ट्रैटोस्फेरिक गुब्बारा (stratospheric balloon) लॉन्च किया। अपनी एक्सटीरियर रेंज की गुणवत्ता को प्रदर्शित करने के लिए इस गुब्बारे में कंसाई नेरोलैक के ‘एक्सेल एवरलास्ट‘ (Excel Everlast) पेंट से रंगा हुआ एक पेलोड (payload) भेजा गया था। उस ऊंचाई पर जहाँ तापमान -64°C से भी नीचे चला जाता है, यूवी रेडिएशन (UV radiation) पूरी तरह से अनफिल्टर्ड होता है और वायुमंडलीय दबाव समुद्र तल पर मौजूद दबाव का एक छोटा सा अंश मात्र होता है। ऐसी स्थितियां अधिकांश सतहों को नष्ट कर सकती हैं। यह पेंट न केवल इन चरम स्थितियों में बचने में सफल रहा; बल्कि यह बिना किसी खरोंच या दाग के वापस आ गया।
इस पहल को क्रिएटिव एजेंसी ‘उल्का’ (ULKA) द्वारा तैयार किया गया था जिसने लैब सिमुलेशन (lab simulation) या नियंत्रित वातावरण से परे जाकर इस पेंट परीक्षण की परिकल्पना की। यह कैंपेन फिल्म एक ऐसे वास्तविक पेलोड का दस्तावेजीकरण करती है जो स्ट्रैटोस्फीयर (समताप मंडल) में गया और बिल्कुल सुरक्षित (intact) वापस आ गया। यह एक ऐसा प्रमाण है जिसे किसी ‘डिस्क्लेमर’ की आवश्यकता नहीं है।
लिंक: www.youtube.com/watch?v=NkbuNw7JNTI
#OutofThisWorld अभियान कंसाई नेरोलैक की विरासत के शिखर को दर्शाता है: एक ऐसा पेंट जिसे प्रकृति की सबसे कठोर परिस्थितियों में भी टिके रहने के लिए इंजीनियर किया गया है। यह अभियान उस वादे का प्रमाण है, जिसे उस पैमाने पर अंजाम दिया गया है जिसका विज्ञापन की दुनिया में ‘होम पेंट्स’ के लिए पहले कभी प्रयास नहीं किया गया था।
कंसाई नेरोलैक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, रामकृष्ण नाइक ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “एक्सेल एवरलास्ट रेंज हमेशा से एक ही बात के लिए जानी जाती है, वह पेंट जो हार मानने से इंकार कर देता है। जब हमने जापानी तकनीक के साथ भारत का पहला सेल्फ-क्लीनिंग पेंट, ‘एवरलास्ट 14’ लॉन्च किया, तो हम वहीं नहीं रुके बल्कि वास्तव में हमने नैनो-सिलिका तकनीक द्वारा संचालित ‘बुलेट प्रूफ प्रोटेक्शन’ के साथ ‘एक्सेल एवरलास्ट 20’ विकसित किया। इसमें 30% अधिक कठोरता और क्रैक-ब्रिजिंग क्षमता है जो किसी भी प्रतिस्पर्धी को पीछे छोड़ देती है। यह वह पेंट है जिसने भारत की पहली 20-वर्षीय वारंटी हासिल की है। इसे स्ट्रैटोस्फीयर में भेजना दुनिया के सामने इसे पेश करने का एकमात्र उपयुक्त तरीका लगा। क्योंकि इतना बेजोड़ उत्पाद एक ऐसे ही असाधारण मंच का हकदार था।”
इस प्रयोग के पीछे के विचार पर बोलते हुए, ULKA के चीफ क्रिएटिव एक्सपीरियंस ऑफिसर राकेश मेनन ने कहा, “यह विचार भरोसे के साथ आया है: यदि कोई एक्सटीरियर पेंट अंतरिक्ष में टिक सकता है, तो वह पृथ्वी पर किसी भी स्थिति में टिक सकता है। हमारे लिए जो बात मायने रखती थी, वह इसे सच में करना था। कोई सिमुलेशन नहीं, कोई शॉर्टकट नहीं। बस उत्पाद को अंतिम और सबसे कड़े परीक्षण से गुजारना।”
क्रेडिट्स (Credits)
बिजनेस: कुलविंदर अहलूवालिया, वंदना जोशी, अभिमन्यु जुनेजा, रिकी बारेटो, शिवम दवे
क्रिएटिव: राकेश मेनन, विशाल निकोलस, सागर परब, पार्थ पंड्या, खुशी बागरी, परेश जाधव, क्षितिजा राउत, साहिल देसाई, ओंकार म्हासकर, अरिजीत बनर्जी, कार्तिकेय तिवारी
स्ट्रेटेजी : मनीषा सुदर्शन, अखिल वदान
कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड के बारे में
अपने 106वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी, कंसाई नेरोलैक पेंट्स उच्च गुणवत्ता वाले पेंट्स की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करते हुए पेंट निर्माण में सबसे आगे रही है। कंसाई नेरोलैक भारत की अग्रणी पेंट कंपनियों में से एक है और इंडस्ट्रियल पेंट्स में मार्केट लीडर है। कंपनी के पास पूरे भारत में रणनीतिक रूप से स्थित आठ मैनुफेक्चरिंग इकाइयां और देश भर में एक मजबूत डीलर नेटवर्क है। कंपनी घरों, कार्यालयों, अस्पतालों और होटलों के लिए सजावटी पेंट्स कोटिंग्स से लेकर अधिकांश उद्योगों के लिए परिष्कृत औद्योगिक कोटिंग्स तक विविध उत्पादों का निर्माण करती है।
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