राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद जहां एक ओर सुरक्षा मानकों और परियोजना की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशील घटना पर टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है। पटेल ने स्पष्ट किया कि रिफाइनरी से जुड़े टेंडर राज्य सरकार के स्तर पर तय नहीं होते, बल्कि यह निर्णय केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उनका कहना था कि बिना पूरी जानकारी के इस तरह के आरोप लगाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे गलत संदेश भी जाता है।
जोगाराम पटेल ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कम अनुभव वाली कंपनियों को इस परियोजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपील की कि इस समय बयानबाजी से बचा जाए और जांच पूरी होने तक धैर्य रखा जाए। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आग कैसे लगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस परियोजना के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री आने वाले थे, वहां एक दिन पहले इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने भी रिफाइनरी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर अंदर क्या चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस परियोजना की शुरुआत कांग्रेस सरकार के समय हुई थी, सत्ता परिवर्तन के बाद उस पर काम धीमा कर दिया गया। जूली ने यह भी पूछा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या कहीं लापरवाही हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के विकास और गौरव से जुड़ी एक अहम परियोजना है, लेकिन इस तरह की घटना से लोगों की चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है। डोटासरा ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सके।
इस बीच, रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम को टाल दिया गया है, जिससे अगली तारीख को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस पर जोगाराम पटेल ने कहा कि जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में से एक माना जाता है। इस परियोजना से न केवल राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ऐसे में इस तरह की घटना ने परियोजना की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खामी या सुरक्षा चूक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक रूप से अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
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