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अमृतसर से जम्मू, पठानकोट से भुज… 15 शहरों पर PAK के हमले नाकाम, ढाल बना भारत का सुदर्शन-400

भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे नए तनाव के बीच पाकिस्तान द्वारा भारत के 15 बड़े शहरों पर हवाई हमले की कोशिश को भारतीय वायुसेना ने अपनी अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली S-400 के ज़रिए नाकाम कर दिया। अमृतसर, जम्मू, पठानकोट, भुज, श्रीनगर, जयपुर, दिल्ली, अहमदाबाद, जोधपुर, चंडीगढ़ जैसे शहरों को निशाना बनाने का मंसूबा पाले बैठे पाकिस्तान को करारा जवाब मिला।

दरअसल, बीते सप्ताह पाकिस्तान की ओर से PoK और अपने एयरबेस से कई हमलावर ड्रोन और संभावित मिसाइल सिस्टम को एक्टिव किया गया था। खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान की योजना थी कि भारत के प्रमुख रणनीतिक और रिहायशी शहरों पर एक साथ हमला किया जाए, जिससे भारतीय प्रशासन और सेना में भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके। लेकिन भारत की सतर्कता और तकनीकी श्रेष्ठता ने इन मंसूबों पर पानी फेर दिया।

भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने पहले ही आशंका जताई थी कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ साइकोलॉजिकल वॉरफेयर और सीमित हवाई हमले के ज़रिए दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है। इसी के तहत भारत ने अपनी एयर डिफेंस यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा था और S-400 ‘Triumf’ मिसाइल सिस्टम को पूरे उत्तर और पश्चिम भारत में सक्रिय कर दिया गया था।

S-400 को क्यों कहा जा रहा है ‘सुदर्शन कवच’?


S-400 रूस द्वारा निर्मित दुनिया की सबसे एडवांस वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है। यह प्रणाली 400 किलोमीटर तक की दूरी से आने वाली किसी भी एयर थ्रेट – जैसे लड़ाकू विमान, मिसाइल या ड्रोन – को मिनटों में ढेर कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली है, जो एक साथ कई टारगेट्स को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम है। यही वजह है कि भारतीय रणनीतिक विशेषज्ञों ने इसे ‘सुदर्शन कवच’ की उपाधि दी है – यानी एक ऐसा सुरक्षा कवच, जो शत्रु के किसी भी वार को बेअसर कर सकता है।

PAK का ‘मास अटैक प्लान’


खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान की योजना थी कि वह एक साथ कई शहरों पर हमला कर भारत को अस्थिर करे। इन हमलों का निशाना मुख्यतः भारतीय वायुसेना के एयरबेस, सैन्य कमांड सेंटर, तेल डिपो और बड़े शहरी इलाकों में स्थित सार्वजनिक संरचनाएं थीं। इसके लिए पाकिस्तान ने अपने JF-17 लड़ाकू विमानों को PoK में अग्रिम मोर्चों पर तैनात किया और साथ ही रडार जैमिंग उपकरणों को भी सक्रिय किया गया।

कैसे S-400 ने बचाई करोड़ों जानें?


पाकिस्तान द्वारा जब पहला संकेत भेजा गया – जिसमें उसके लड़ाकू विमान भारतीय सीमा की ओर बढ़ते दिखाई दिए – तभी भारतीय वायुसेना के अलर्ट नेटवर्क ने हरकत में आते हुए पश्चिमी वायु कमान को सूचना दी। दिल्ली, अमृतसर, जैसलमेर और भुज जैसे क्षेत्रों में पहले से तैनात S-400 यूनिट्स ने तुरंत एक्शन लिया और संभावित एयर थ्रेट को लॉक करते हुए अपने सिस्टम सक्रिय किए।

S-400 की रडार रेंज और सेंसर टेक्नोलॉजी के चलते पाकिस्तान की एयर मूवमेंट का पूरी तरह से पता चल गया और उससे पहले कि पाकिस्तानी विमान भारतीय सीमा में घुस पाते, भारतीय मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने उन्हें टारगेट कर चेतावनी जारी कर दी। कुछ अनाधिकृत ड्रोन और मिसाइलों को सीमा पार से लॉन्च किए जाने की कोशिश की गई, जिन्हें S-400 ने 40-50 किमी पहले ही मार गिराया।

ऑपरेशन सिंदूर-1 से बढ़ी थी पाक की बौखलाहट


पाकिस्तान की यह बौखलाहट अचानक नहीं आई है। कुछ ही दिन पहले भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर-1’ को अंजाम दिया था, जिसमें भारत ने सीमापार आतंकी ठिकानों पर स्कैल्प और हैमर मिसाइलों से हमला किया था। इस ऑपरेशन में कई आतंकी लांचपैड और ट्रेंनिंग सेंटर तबाह हुए थे। PoK में मची तबाही ने पाकिस्तान की सेना और आईएसआई को हिला कर रख दिया।

इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जवाबी हमला करने की योजना बनाई, ताकि घरेलू मोर्चे पर वह अपनी जनता को यह संदेश दे सके कि उसने भारत को माकूल जवाब दिया है। लेकिन जब भारतीय सुरक्षा कवच – खासतौर से S-400 – के आगे उसकी एक भी योजना सफल नहीं हो सकी, तो उसने एक बार फिर झूठ और दुष्प्रचार का सहारा लिया।

झूठ फैलाने की कोशिश में जुटा पाकिस्तानी मीडिया


हमले में विफल रहने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय और सरकारी मीडिया ने यह अफवाह फैलाना शुरू कर दिया कि पाकिस्तान ने भारत के 5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। लेकिन जब विदेशी मीडिया ने इस दावे पर सवाल पूछे, तो पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ खुद सकपका गए और उन्होंने सोशल मीडिया के कुछ वायरल वीडियो को ही सबूत बता दिया।

CNN और Al Jazeera जैसी एजेंसियों ने इस दावे को बेबुनियाद बताया और भारत की ओर से जारी तस्वीरों, रडार रिकॉर्डिंग्स और मीडिया कवरेज को प्रमाणिक मानते हुए पुष्टि की कि भारत पर कोई हमला सफल नहीं हुआ।

भारतीय रणनीति की जीत


इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत केवल आक्रामक नहीं बल्कि रणनीतिक और रक्षात्मक दृष्टि से भी पूरी तरह तैयार है। भारत के पास अब केवल पारंपरिक हथियार नहीं, बल्कि आधुनिकतम तकनीकी सुरक्षा प्रणाली भी है जो किसी भी संभावित युद्ध को सीमाओं पर ही रोक सकती है।

S-400 की यह तैनाती न केवल भारत की वायु सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाती है कि अब भारत को छेड़ना, सीधे-सीधे विनाश को आमंत्रण देना है।

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