बिजनेस

Share Market Opening Bell: घरेलू शेयर बाजार फिर लाल निशान पर खुला; सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, रुपया संभला

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत लाल निशान के साथ की। कमजोर एशियाई बाजारों और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे बाजारों में गिरावट आई।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट: बीएसई सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 393.01 अंकों की गिरावट दर्ज की और 75,546.17 अंक पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 118.95 अंक गिरकर 22,813.95 अंक पर पहुंचा। यह लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है, और घरेलू शेयर बाजार एक बार फिर नकारात्मक दिशा में खुला।

विदेशी निवेशकों की निकासी का असर: शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा की गई बिकवाली भी है। बुधवार को एफआईआई ने 1,881.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा। निवेशकों को कमजोर एशियाई बाजारों और विदेशी पूंजी की निकासी का असर साफ दिख रहा है।

रुपये में सुधार: हालांकि, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे की बढ़त के साथ 86.79 रुपये पर पहुंच गया। डॉलर की मांग में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये की स्थिति में सुधार किया। मंगलवार को रुपया 86.98 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि आज के कारोबार में यह 86.79 रुपये पर पहुंचा।

सेंसेक्स में प्रमुख कंपनियों के शेयरों में नुकसान: सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से प्रमुख कंपनियां जैसे एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जोमैटो, और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई। हालांकि, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में मामूली मुनाफा हुआ।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल: एशियाई बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट सभी नुकसान में रहे। वहीं, अमेरिकी बाजार बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई।

वेदांता का विभाजन: वेदांता लिमिटेड ने अपने प्रस्तावित विभाजन को शेयरधारकों और ऋणदाताओं की मंजूरी प्राप्त कर ली है। कंपनी के 99.99 फीसदी शेयरधारकों और अधिकांश ऋणदाताओं ने कंपनी को पांच स्वतंत्र, क्षेत्र-विशिष्ट कंपनियों में विभाजित करने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। इस विभाजन से कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर विकास की संभावना है।

admin

Recent Posts

पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! अब 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ तक जुर्माना?

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों को…

4 minutes ago

NEET मुद्दे पर विपक्ष में मतभेद! अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस

NEET परीक्षा और छात्रों के आंदोलन को लेकर संसद में चल रहे विरोध के बीच…

2 days ago

‘मैं संत नहीं हूं’, राधे मां ने तोड़ी चुप्पी, पैसों के आरोप और विवादों पर दिया जवाब

आध्यात्मिक गुरु के रूप में चर्चित राधे मां ने लंबे समय बाद अपने जीवन, विवादों…

2 days ago

लोकसभा से TMC सांसद कल्याण बनर्जी निलंबित, जानिए क्या बनी वजह ?

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा के मौजूदा मॉनसून सत्र की शेष…

2 days ago

अनंतनाग में पुलिस जवान पर आतंकी हमला, हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी शहीद

जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित अनंतनाग जिले में आतंकियों ने पुलिस बल को निशाना बनाया।…

2 days ago

CJP ने सरकार से बातचीत पर रखीं शर्तें, कहा- जंतर-मंतर या सार्वजनिक जगह पर ही होगी अगली बैठक

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट…

2 days ago