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Anjaw district tragedy: अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में मजदूरों से भरा ट्रक खाई में गिरा, 22 की मौत

Anjaw district tragedy: अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में मजदूरों से भरा ट्रक खाई में गिरा

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें मजदूरों से भरा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे गहरी खाई में गिर गया। यह हादसा चकलागम इलाके में हुआ। ट्रक में कुल 22 मजदूर सवार थे और सभी की मौत की आशंका जताई जा रही है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे में मरने वालों में से 19 मजदूर असम के तिनसुकिया जिले के गिलापुकरी टी एस्टेट के रहने वाले थे। हादसे के समय ट्रक सड़क निर्माण कार्य के लिए मजदूरों को ले जा रहा था। यह घटना हैलोंग-चकलागम सड़क पर मेटेलियांग के पास हुई, जहां ट्रक अनियंत्रित होकर पहाड़ से नीचे खाई में गिर गया।

हादसे के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने ट्रक के खाई में गिरते हुए दृश्य को देखा और पास के पुलिस थाने को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घटना स्थल दुर्गम और शहर से काफी दूर होने के कारण पुलिस और बचाव दल को पहुंचने में लगभग 18 घंटे लग गए।

अब तक 13 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शिनाख्त की गई 19 मजदूरों में बुद्धेश्वर दीप, राहुल कुमार, समीर दीप, जोन कुमार, पंकज मानकी, अजय मानकी, विजय कुमार, अभय भूमिज, रोहित मानकी, बीरेंद्र कुमार, अगर ताती, धीरेन चेतिया, रजनी नाग, दीप गौला, रामचबक सोनार, सोनातन नाग, संजय कुमार, करण कुमार और जोनास मुंडा शामिल हैं। ये सभी असम के गिलापुखुरी चाय बागान, तिनसुकिया के रहने वाले थे।

पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम अब भी 9 लापता मजदूरों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की गंभीरता और खाई की गहराई को देखते हुए इन 9 मजदूरों के जीवित मिलने की उम्मीद कम है। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन भी सहयोग कर रहा है।

इस दुर्घटना ने इलाके में सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में भारी वाहन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। हादसे की जांच के लिए स्थानीय प्रशासन ने टीम बनाई है, जो घटना के कारणों का पता लगाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने के बाद तुरंत राहत दल को घटनास्थल की ओर भेजा गया। हालांकि दुर्गम इलाके और सड़क की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य में देरी हुई। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और सभी लापता मजदूरों की खोज में लगे हुए हैं।

हादसे में मृत मजदूरों के परिजन और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश की स्थिति है। प्रशासन ने परिवारों को मुआवजा देने और तुरंत मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना की पूर्ण जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन न होना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस और प्रशासन लगातार लापता मजदूरों की तलाश में जुटे हैं और राहत कार्य जारी है।

 

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