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‘मैं संत नहीं हूं’, राधे मां ने तोड़ी चुप्पी, पैसों के आरोप और विवादों पर दिया जवाब

आध्यात्मिक गुरु के रूप में चर्चित राधे मां ने लंबे समय बाद अपने जीवन, विवादों और उन पर लगे आरोपों को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी खुद को संत या साधु नहीं बताया और न ही ऐसा कोई दावा किया। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें जिस रूप में स्वीकार करते हैं, वह उनकी अपनी श्रद्धा है। उनका उद्देश्य केवल लोगों को सही रास्ता दिखाना है।

‘मैं संत नहीं, सिर्फ राधे हूं’

राधे मां ने कहा कि लोग अक्सर उन्हें दूसरे धार्मिक गुरुओं से अलग मानते हैं, लेकिन उन्होंने कभी खुद को संत नहीं कहा। उनके मुताबिक, उनके भक्त उन्हें सजाना-संवारना पसंद करते हैं और उसी वजह से वह श्रृंगार करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन एक ही बार मिलता है और वह इसे अपनी पसंद के अनुसार जीना चाहती हैं।

‘मैं शादीशुदा हूं, परिवार चाहता है कि मैं श्रृंगार करूं’

राधे मां ने बताया कि वह शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी चाहते हैं कि वह श्रृंगार करें। उन्होंने कहा कि इसे लेकर लोगों ने कई तरह की बातें कहीं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने परिवार और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया है।

पैसे लेने के आरोपों पर क्या बोलीं?

राधे मां ने अपने ऊपर लगे धन लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी से पैसे नहीं मांगे। उनका कहना था कि यदि कोई श्रद्धालु अपनी इच्छा से दान, भेंट या उपहार देता है, तो वह उसकी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी से जबरन धन नहीं लिया और यदि कोई ऐसा दावा करता है, तो वह सामने आकर बताए।

‘मेरे पास हर धर्म के लोग आते हैं’

राधे मां ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है। उनके अनुसार, उनके पास अलग-अलग धर्मों के लोग आते हैं और वह सभी को समान दृष्टि से देखती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में इंसानियत पहले की तुलना में कम होती जा रही है, क्योंकि लोग आध्यात्मिक मूल्यों से ज्यादा धन कमाने की दौड़ में लगे हुए हैं।

‘मैं भक्ति अपने तरीके से करती हूं’

राधे मां ने बताया कि उन्हें भजन और संगीत पसंद है। वह भगवान की आराधना गीत और संगीत के माध्यम से भी करती हैं। उनके मुताबिक, भक्ति का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है।

विवादों के बाद डिप्रेशन में चली गई थीं

राधे मां ने यह भी खुलासा किया कि जब उनके नाम को लेकर लगातार विवाद सामने आए, तब वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थीं।उन्होंने बताया कि उस दौर में वह करीब तीन साल तक डिप्रेशन से जूझती रहीं। बाद में इलाज और परिवार के सहयोग से वह धीरे-धीरे इस स्थिति से बाहर निकल सकीं।

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