Delhi School Bomb Threat: डार्क वेब इंटरनेट का एक हिस्सा है जिसे सामान्य ब्राउज़रों से एक्सेस नहीं किया जा सकता है। इसे “गहरा वेब” भी कहा जाता है। यह इंटरनेट का 96% हिस्सा है, जबकि बाकी 4% “सतह का वेब” है जिसे हम Google या Bing जैसे सर्च इंजन के माध्यम से एक्सेस करते हैं।
डार्क वेब तक पहुंचने के लिए, आपको Tor जैसे विशेष सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने की आवश्यकता होती है। Tor एन्क्रिप्शन और राउटिंग की एक जटिल प्रणाली का उपयोग करता है जो उपयोगकर्ताओं को गुमनाम रूप से वेब ब्राउज़ करने की अनुमति देता है।
डार्क वेब का उपयोग कई कानूनी और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता है। इसका उपयोग गुमनाम रूप से संवाद करने, गोपनीय जानकारी साझा करने और अवैध वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए किया जा सकता है।
दिल्ली स्कूलों को धमकी देने वाले ईमेल संभवतः डार्क वेब से भेजे गए थे क्योंकि यह प्रेषक को गुमनाम रहने की अनुमति देता है। पुलिस को ईमेल भेजने वाले व्यक्ति को ट्रैक करना मुश्किल होगा क्योंकि डार्क वेब उपयोगकर्ताओं को गुमनाम रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
डार्क वेब के बारे में कुछ अतिरिक्त तथ्य:
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