उत्तर प्रदेश

UP BJP state president will be revealed within 48 hours: 48 घंटों में होगा UP-BJP प्रदेश अध्यक्ष के नाम का खुलासा, पार्टी इस बार OBC चेहरे को सौंप सकती है प्रदेश की कमान!, संगठनात्मक स्तर पर सभी प्रक्रियाएं लगभग हो चुकी हैं पूरी

UP BJP state president will be revealed within 48 hours: 48 घंटों में होगा UP-BJP प्रदेश अध्यक्ष के नाम का खुलासा

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला और मंडल स्तर पर संगठनात्मक चुनाव के बाद अब प्रदेश परिषद सदस्यों के नाम भी घोषित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही पार्टी के भीतर यह तैयारी पूरी हो चुकी है कि अगले 24 से 48 घंटों में राज्य इकाई को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

बीजेपी संगठन चुनाव के अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 13 दिसंबर को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में भरे जाएंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। यही कारण है कि राजनीतिक गलियारों में अगले दो दिनों में नाम तय होने की चर्चा तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष पद की दौड़ में फिलहाल केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। चूंकि ये सभी नेता ओबीसी समुदाय से आते हैं, इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पार्टी इस बार भी प्रदेश नेतृत्व की कमान किसी ओबीसी चेहरे को सौंप सकती है।

संगठनात्मक स्तर पर सभी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के नामांकन की अंतिम समय सीमा 13 दिसंबर दोपहर 2 बजे तक है। इसके अगले दिन यानी 14 दिसंबर को चुनाव अधिकारी नए अध्यक्ष के चयन की पूरी प्रक्रिया संपन्न करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अक्सर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से एक ही नाम सामने आता है, ऐसे में इस बार भी सिंगल नामांकन की संभावना अधिक है। यदि ऐसा हुआ तो चुनाव की आवश्यकता नहीं होगी और सीधे नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में केंद्रीय स्तर के नेता भी शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस चुनाव के केंद्रीय चुनाव अधिकारी हैं, जबकि राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े केंद्रीय पर्यवेक्षक की भूमिका में हैं। दोनों नेता शनिवार को लखनऊ पहुंचेंगे और उनके नेतृत्व में शीर्ष नेताओं की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में नए अध्यक्ष के नाम पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश होगी। उसके बाद जिस उम्मीदवार पर सहमति बनेगी, उसका नामांकन दाखिल कराया जाएगा।

यदि एक से अधिक उम्मीदवार नामांकन दाखिल करते हैं, तो प्रदेश परिषद के सदस्य चुनाव प्रक्रिया में वोटिंग करेंगे। हालांकि, पार्टी से जुड़े जानकार मानते हैं कि उत्तर प्रदेश की इकाई में आमतौर पर शीर्ष नेतृत्व की ओर से चयनित उम्मीदवार को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है।

बीजेपी के सांगठनिक चुनाव कई चरणों में होते हैं। सबसे पहले प्राथमिक समिति, फिर मंडल और जिला स्तर पर चुनाव होते हैं। इसके बाद प्रदेश परिषद का गठन किया जाता है और यही परिषद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, इसलिए उतने ही प्रदेश परिषद सदस्य बनाए जाते हैं। इनमें से 85 सदस्य अनुसूचित जाति के आरक्षित वर्ग से चुने जाते हैं।

मंगलवार को बीजेपी ने अपने 84 जिलों में 327 प्रदेश परिषद सदस्यों की सूची जारी कर दी है। ये सभी सदस्य नए प्रदेश अध्यक्ष को चुनने वाली वोटर लिस्ट का हिस्सा हैं। परिषद के सदस्य प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए अधिकृत होते हैं और पूरे राज्य के संगठनात्मक नेतृत्व को नई दिशा देते हैं।

डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि 14 दिसंबर को केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल की निगरानी में चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई को अपना नया अध्यक्ष मिल जाएगा, जिसके नेतृत्व में पार्टी आगामी पंचायत चुनावों से लेकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव तक उतरने की तैयारी करेगी।

इस बीच मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल के पूरा होने के बाद संगठन में बदलाव की चर्चा पहले से चल रही थी। नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया के दौरान भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले। माना जा रहा है कि यह मुलाकातें नए अध्यक्ष के चयन से जुड़ी थीं और शीर्ष नेतृत्व का अंतिम निर्णय इन्हीं बातचीतों के बाद तय होगा।

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी यूपी में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी समुदाय के किसी नेता को प्रदेश संगठन की कमान सौंप सकती है। पार्टी के कई वरिष्ठ ओबीसी नेताओं के नाम इस सूची में शामिल हैं, जिनमें धर्मपाल सिंह, बीएल वर्मा, साध्वी निरंजन ज्योति और पंकज चौधरी मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं।

Kirti Bhardwaj

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