25 अगस्त 2024 – हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू करने के प्रयास पर कांग्रेस नेता सुशील गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। गुप्ता ने इस कदम को लोगों को भड़काने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश बताया है।
सुशील गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “चुनाव से पहले यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू करने का निर्णय केवल एक राजनीतिक चाल है। सरकार का यह कदम पूरी तरह से वोट बैंक की राजनीति पर आधारित है। यह एक ऐसा कदम है जो चुनावी लाभ के लिए उठाया जा रहा है और इससे केवल जनता को भ्रमित किया जा रहा है।”
गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह योजना (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) को चुनावी प्रचार का हिस्सा बना दिया गया है, और इससे पहले की योजनाओं की वास्तविकता और प्रभावशीलता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की योजनाएँ चुनावी समय में लागू करना सरकार की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़ा करता है।
गुप्ता ने मांग की कि सरकार इस योजना को लागू करने से पहले उसकी वास्तविकता, फायदे और प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन करे। उन्होंने इसे एक दिखावा और चुनावी पैंतरे का हिस्सा करार दिया और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया।
इसके जवाब में, सरकार ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम का उद्देश्य हरियाणा के नागरिकों को पेंशन के मामले में एक समान और सुविधाजनक प्रणाली प्रदान करना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना पहले से तैयार की गई थी और इसका लक्ष्य लोगों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, न कि केवल चुनावी लाभ प्राप्त करना।
इस विवाद ने हरियाणा की राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, और यह देखा जाना होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका चुनावी परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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