पंजाब

सिद्धू मूसेवाला का सपना, पिता करेंगे पूरा, 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे बलकौर सिंह, सिद्धू मूसेवाला भी लड़ चुके हैं 2022 में चुनाव

सिद्धू मूसेवाला का सपना, पिता करेंगे पूरा

 

पंजाब की सियासत में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिवंगत पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि, वे 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि, उनका ये कदम किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए नहीं है, बल्कि अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए है।

दरअसल, सिद्धू मूसेवाला ने 2022 में कांग्रेस के टिकट पर मानसा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय वे आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार से हार गए थे। चुनाव हारने के कुछ ही महीनों बाद 29 मई, 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में दिनदहाड़े उनकी हत्या कर दी गई थी

बलकौर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, “सिद्धू का सपना था कि, वो विधानसभा पहुंचे। वो वहां नहीं पहुंच पाया, लेकिन मैं चाहता हूं कि, उसकी तस्वीर लेकर विधानसभा जाऊं। यही मेरे चुनाव लड़ने का सबसे बड़ा कारण है।”

रविवार को मानसा में आयोजित एक कार्यक्रम में बलकौर सिंह ने ये घोषणा की। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने साफ कहा कि, उन्होंने ये निर्णय बहुत सोच-समझकर लिया है।
साथ ही बलकौर सिंह ने कहा कि, “मुझे लग रहा था कि, अपने बेटे को खोने के बाद लोग मुझसे दूर हो जाएंगे, लेकिन मानसा की जनता ने मुझे संभाला है

लोग आज भी मेरे साथ खड़े हैं, इसलिए मुझे हिम्मत मिली है कि, मैं इस कठिन लड़ाई को लड़ सकूं।”

उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि, उनके पास बहुत बड़ी जनशक्ति या राजनीतिक साधन नहीं हैं, लेकिन उन्हें जनता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि, जनता की ताकत ही उन्हें जीत दिलाएगी।
गांव मूसे वाला में उनके आवास पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें समर्थन दिया। ये माहौल दर्शाता है कि, मानसा में मूसेवाला परिवार का प्रभाव अब भी गहरा है।

सिद्धू मूसेवाला के पिता के चुनाव लड़ने की खबर के बाद अब ये सवाल भी उठने लगा है कि, क्या उन्हें कांग्रेस से टिकट मिलेगा या नहीं। हालांकि परिवार का कहना है कि, उन्हें कांग्रेस से पूरी उम्मीद है।

बलकौर सिंह के भाई चमकौर सिंह ने कहा कि, “हमने पहले ही बड़ी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। परिवार को उम्मीद है कि, कांग्रेस टिकट देगी और इस बार मानसा की जनता हमें निराश नहीं करेगी।”

कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि, बलकौर सिंह का चुनाव लड़ना पार्टी के लिए भावनात्मक रूप से भी बड़ा कदम होगा। सिद्धू मूसेवाला के चाहने वाले न सिर्फ पंजाब में बल्कि पूरे देश और विदेश में बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में बलकौर सिंह की उम्मीदवारी कांग्रेस के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

राजनीति में उतरने के साथ-साथ बलकौर सिंह अपने बेटे की हत्या के केस की पैरवी भी कर रहे हैं। 29 मई 2022 को हुई इस हत्या ने पूरे पंजाब ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सिद्धू मूसेवाला के करोड़ों प्रशंसकों को झकझोर दिया था।

मामले की सुनवाई भी लगातार चल रही है। हाल ही में 26 सितंबर को बलकौर सिंह को अदालत में पेश होना था, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से वो पेश नहीं हो सके। अब ये सुनवाई 17 अक्टूबर तक के लिए टल गई है।

बलकौर सिंह ने कहा कि, उनका चुनाव लड़ना सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं है। ये उनके बेटे की विरासत को आगे बढ़ाने और उसे न्याय दिलाने का एक तरीका भी है। उन्होंने कहा कि, राजनीति में आकर वह उन आवाजों को मजबूती देंगे जो उनके बेटे की मौत के बाद लगातार उठ रही हैं।

मानसा विधानसभा सीट पंजाब की राजनीति में हमेशा से चर्चित रही है। 2022 में यहां से आम आदमी पार्टी ने बाजी मारी थी। लेकिन अब समीकरण बदलते दिख रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला का नाम ही इस सीट को खास बना देता है।

ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञ की माना है कि, बलकौर सिंह को जनता का भावनात्मक समर्थन मिल सकता है। खासकर युवा और किसान वर्ग उनके साथ खड़े हो सकते हैं। हालांकि, असली तस्वीर 2027 के चुनाव में ही साफ होगी कि, यह समर्थन वोटों में कितना बदल पाता है।

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