हिमाचल विधानसभा के विंटर सेशन में हुए कई बड़े ऐलान
धर्मशाला में जारी हिमाचल विधानसभा के विंटर सेशन में कई बड़े ऐलानों और महत्वपूर्ण बयानों से भरा रहा। प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति, एरियर भुगतान, पेंशनरों के बकाये, ट्रांसफर पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली बेटियों के सम्मान सहित कई अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।
CM सुक्खू ने ऐलान किया कि, कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर प्रदेश का नाम दुनिया में रोशन करने वाली बेटियों को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, आने वाले किसी भी राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन महिला खिलाड़ियों को विशेष रूप से बुलाकर पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि, खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी हिमाचल की प्रगतिशील सोच का प्रतीक है और सरकार हमेशा बेटियों की उपलब्धियों को प्राथमिकता देगी।
CM सुक्खू ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि, वित्त वर्ष 2025–26 से केंद्र से मिलने वाली सहायता के बाद कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि, प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि पिछली सरकार 10 हजार करोड़ से अधिक का वेतन और पेंशन एरियर छोड़कर गई थी, जिसका असर अब तक महसूस किया जा रहा है।
CM सुक्खू ने बताया कि, 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों का पूरा एरियर पहले ही भुगतान किया जा चुका है। वहीं 70–75 वर्ष आयु वर्ग को 70 प्रतिशत एरियर मिल चुका है और बाकी 30 प्रतिशत इसी वित्त वर्ष में जारी किया जाएगा, जिस पर लगभग 90 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
साथ ही उन्होंने बताया कि, आयु वर्ग के आधार पर एरियर भुगतान किया गया है। 65 से 70 वर्ष वालों को 38% डीए एरियर, 65 वर्ष से कम वालों को 35% डीए एरियर मिल चुका है। जिसके अलावा, 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एरियर का 20 प्रतिशत हिस्सा जारी किया गया है।
CM सुक्खू ने बताया कि, प्रथम से तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 50,000 रुपये की किस्त पहले ही दी जा चुकी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 60,000 रुपये की किस्त के साथ 19 अक्टूबर 2024 को अतिरिक्त 20,000 रुपये भी दिए गए हैं। सरकार अब तक एरियर पर 2,155 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जबकि 8,555 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि, जैसे ही राज्य की राजस्व स्थिति में सुधार होगा, कर्मचारियों-पेंशनरों के सभी एरियर को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। सीएम ने कहा कि, हिमाचल की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है और ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनरों को भी स्थिति को समझते हुए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, सरकार लंबे समय के लिए हिमाचल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कड़े लेकिन जरूरी निर्णय ले रही है।
वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू ने ये भी कहा कि, प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों के लिए जल्द नई ट्रांसफर पॉलिसी लाई जाएगी। फिलहाल पहले की सरकार की नीति लागू है, जिसे बदलने पर सरकार काम कर रही है। नई व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।
हालांकि इससे पहले सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही हल्के विवाद के साथ शुरू हुई। दरअसल प्रश्नकाल की घोषणा के साथ ही नेता विपक्ष जयराम ठाकुर खड़े होकर किसी विषय पर बात रखने को प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से अनुमति मांगते रहे।
इस पर अध्यक्ष पठानिया ने उन्हें प्रश्नकाल के बाद समय देने की बात की। जयराम ठाकुर बार-बार बोलने का मौका देने की बात दोहराते रहे। अध्यक्ष ने कहा कि बीते दिनों ही व्यवस्था की गई है कि, प्रश्नकाल के बाद ही सदस्यों को अन्य मुद्दों पर बोलने का मौका दिया जाएगा।
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