RAJASTHAN POLITICS : जोगाराम पटेल का गहलोत पर बड़ा वार! “शेखावत का नाम है तो कागज़ दिखाओ!”
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से बयानबाज़ी तेज हो गई है। जोधपुर दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम किसी भी कागज़ में है, तो अशोक गहलोत उसे सार्वजनिक करें, वरना सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोगाराम पटेल ने कहा,
“अशोक गहलोत कहते हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को हटाने की बात चल रही है। मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा अनुशासित पार्टी है। हमारे यहां मुख्यमंत्री 5 साल के लिए बनते हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी गहलोत के बयान को हास्यास्पद बताया है और कहा कि शायद गहलोत के पास कोई ‘सगुफा’ हो।
पटेल ने कहा कि गहलोत को अब सुर्खियों में बने रहने के बजाय धरातल पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “समय के साथ सबको किनारे होना होता है। नए लोगों को आशीर्वाद देना चाहिए, राजनीति में यह परिपक्वता जरूरी है।”
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले पर बोलते हुए कहा,
“गहलोत लगातार गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम इस घोटाले में घसीटते हैं। अगर उनके पास कोई दस्तावेज़ है, जिसमें शेखावत का नाम है, तो उसे सार्वजनिक करें। नहीं है तो देश और प्रदेश की जनता के सामने माफी मांगें।”
उन्होंने गहलोत पर राजनीतिक साजिश के तहत एक ईमानदार केंद्रीय मंत्री की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
पत्रकारों द्वारा हनुमान बेनीवाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर जोगाराम पटेल ने कहा,
“भाजपा का कोई भी नेता या विधायक बिना अधिकार के किसी सरकारी फ्लैट या आवास में नहीं रह रहा है। अगर किसी विधायक ने ऐसा किया है, तो यह गलत है, लेकिन भाजपा इससे अछूती है।”
उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले बेनीवाल को खुद introspect करना चाहिए।
मंत्री जोगाराम पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर भाजपा के अंदर कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा,
“प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व कई बार साफ कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री 5 साल तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। भजनलाल जी ने विकास की गंगा बहाई है और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी छह महीने में तीन बार राजस्थान आकर उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।”
जोगाराम पटेल के बयानों से स्पष्ट है कि राजस्थान भाजपा अब पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के बयानों और आरोपों को आक्रामक तरीके से चुनौती देने के मूड में है।
संजीवनी घोटाले में गहलोत और शेखावत की सियासी लड़ाई अब पार्टी स्तर पर भी गर्मा चुकी है।
राजनीतिक बयानबाजी के इस दौर में सवाल वही बना हुआ है – क्या कोई ठोस सबूत सामने आएंगे, या यह मामला केवल सियासी तकरार बनकर रह जाएगा?
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