राजधानी दिल्ली… वो दिल्ली जहां पर पिछले 10 सालों से सत्ता में आम आदमी पार्टी का कब्जा था लेकिन 27 सालों के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में BJP की एंट्री हुई है और जिसके बाद पूरा माहौल बदला सा गया.. सचिवालय से लेकर सरकारी बाबुओं के ऑफिस तक…. हलचल मची हुई है और अब पटपड़गंज विधानसभा से बीजेपी विधायक रवींद्र नेगी की चिट्टी ने तहलका मचाया हुआ है बीजेपी विधायक रवींद्र नेगी ने नवरात्रों के पवन अवसर के मौके पर डीएम दिल्ली पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिख डाली है और कहा कि उनकी विधानसभा में नवरात्र के मौके पर कोई भी मास की दुकान ना खुले जिसको लेकर सत्ता के गलियारों में जमकर सियासत हो रही है कोई बीजेपी विधायक रवींद्र नेगी के इस फैसले को उचित बताते हुए बोल रहा है विधायक साहब हो तो रवींद्र नेगी जैसे.. लेकिन दूसरा पक्ष इसे सीधा-सीधा तानाशाही बोल रहा है
दरअसल ईद के मौके पर बीजेपी के कई विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र के जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अफसरों को चिट्ठी लिखी है और नवरात्रे के मौके पर मास की दुकानों को बंद कराने की अपील की है इसमे रवींद्र नेगी के साथ साथ त्रिलोकपुरी से बीजेपी विधायक रविकांत उज्जैनवाल भी शामिल है इन विधायकों का कहना है कि ‘संपूर्ण सनातन समाज मां दुर्गा का बहुत बड़ा उपासक है सनातनियों के सबसे पवित्र दिन होते है ऐसे में मीट की दुकानें न खुलें.. वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे तानाशाही करार दिया है और कहा अपने फैसले बीजेपी के नेता जनता पर नहीं थोप सकता है आम आदमी पार्टी ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा से धर्म की राजनीति की है और अब दूसरे राज्यों के बाद ये सब दिल्ली में भी होने लगा है..
दरअसल 30 मार्च से नवरात्रे शुरु हो रहे है और 6 अप्रैल को भगवान श्री राम जी का जन्मोत्सव है और ये हिंदू धर्म के अनुसार उनके पवन त्योहारों में से एक होता है ऐसे में बीजेपी का कहना है जब तक नवरात्रे चलेंगे ऐसे में मास की दुकान बंद रहे तो ज्यादा अच्छा रहेगा हालांकि इस मामले में दिल्ली में अलग-अलग तर्क सामने आ रहे है इससे पहले कोई इस फैसले को सही बता रहा है तो कोई बोल रहा है.. दिल्ली की सरकार रिमोट कंट्रोल वाली सरकार है सीएम रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट फैसले नहीं लेती है अमित शाह और पीएम मोदी सारे फैसले करते है ऐसे इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि हाल ही में दिल्ली कैबिनेट के कामकाज पर नजर बनाए रखने के लिए pmo यानि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से एक टास्क फॉर्स का गठन किया था जो दिल्ली सरकार के मंत्रालयों के कामकाज पर पैनी नजर बनाए रखती है और सीधा उसकी रिपोर्ट पीएम मोदी और अमित शाह को करती है जिसके बाद से ऐसे तमाम सवाल उठाने लगे थे और अब नवरात्र से पहले दिल्ली में सभी मीट की दुकानों का बंद करने के फैसले से राजनीति अपने चरम पर है जमकर सियासत हो रही है.. ।
सोना और चांदी की कीमतों में पिछले हफ्ते जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कभी दाम…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विज़न को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी…
राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को बड़ा सियासी…
अप्रैल की शुरुआत से ही देश के कई राज्यों में गर्मी ने तेजी पकड़ ली…
AAP में बड़ी फूट की खबर सामने आई है। 'आम आदमी पार्टी' के संस्थापक सदस्य…
मुंबई, महाराष्ट्र, भारत कुछ लोग सिर्फ दावे करते हैं और कुछ लोग दावे साबित करते…