देश

Maharashtra politics: महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गर्मायी, शिंदे गुट का बीजेपी में होगा विलय!, संजय राउत ने लगाए गंभीर आरोप

Maharashtra politics: महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गर्मायी

महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत के ताज़ा बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। राउत ने दावा किया है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आदेश दिया है कि आगामी नगर निगम चुनावों के बाद वे अपनी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय कर दें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिवसेना पार्टी और उसके चुनाव चिह्न “धनुष-बाण” को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

संजय राउत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब भी सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह के मामले की सुनवाई नज़दीक आती है, तब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली पहुंच जाते हैं। राउत के मुताबिक, शिंदे इन मुलाकातों से पहले और बाद में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर काफी असहज महसूस करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, शिंदे को डर है कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलीलें नहीं टिक पाएंगी…ऐसे में पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों पर उद्धव ठाकरे का दावा मज़बूत साबित हो सकता है।

राउत ने कहा कि, बीजेपी नेतृत्व ने शिंदे को यह सुझाव दिया है कि वह नगर निगम चुनावों के बाद अपनी पार्टी को पूरी तरह बीजेपी में मिला दें ताकि भविष्य में कोई कानूनी या राजनीतिक संकट खड़ा न हो। संजय राउत ने यह भी कहा कि यह योजना पहले से तैयार की जा रही थी, लेकिन अब यह चर्चा खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी और शिंदे गुट के बीच बैकडोर बातचीत चल रही है और महाराष्ट्र में सत्ता समीकरणों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।

संजय राउत ने अपने बयान में कहा, “जब भी शिवसेना पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का समय आता है, शिंदे डर जाते हैं और दिल्ली जाकर मोदी-शाह से मिलते हैं। इन बैठकों के बाद उन्हें यह सलाह दी गई है कि महानगरपालिकाओं के चुनाव खत्म होने के बाद वे अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दें। उन्हें खुद भी पता है कि कोर्ट में उनका पक्ष टिक नहीं पाएगा और पार्टी का अधिकार उद्धव ठाकरे गुट के पास ही रहेगा।”

राउत ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया की नज़र है। उन्होंने कहा, “भारत ही नहीं, पूरी दुनिया भारत के संविधान और न्याय व्यवस्था को देख रही है। यह मामला केवल शिवसेना का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है। अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत गया, तो भारत की न्याय प्रणाली पर से लोगों का भरोसा डगमगा जाएगा।”

2022 में शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद महाराष्ट्र की सत्ता का सबसे बड़ा संकट बन गया था। जून 2022 में शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी… एक गुट उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में और दूसरा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में। शिंदे गुट के बागी विधायकों ने उस समय उद्धव ठाकरे सरकार को गिराकर बीजेपी के समर्थन से नई सरकार बनाई थी। तब से लेकर आज तक दोनों गुटों में असली शिवसेना और पार्टी चिन्ह को लेकर कानूनी जंग जारी है।

चुनाव आयोग ने 2023 में अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि, बहुमत विधायकों का समर्थन एकनाथ शिंदे के पास है, इसलिए धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह और शिवसेना नाम उन्हीं को दिया जाएगा। आयोग के इस फैसले को उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। ठाकरे गुट ने दलील दी कि असली शिवसेना वही है जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रही है… ऐसे में पार्टी का नैतिक और वैचारिक अधिकार उनके पास है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है।

राउत का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियां महानगरपालिकाओं के चुनाव की तैयारी में जुटी हैं। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर जैसी बड़ी महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर सभी दलों में हलचल तेज़ है। बीजेपी और शिंदे गुट इन चुनावों में एकजुट होकर उतरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) मिलकर महा विकास आघाडी के बैनर तले मोर्चा संभाले हुए हैं।

हालांकि, अभी तक न तो बीजेपी और न ही शिंदे गुट की ओर से संजय राउत के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई

Kirti Bhardwaj

Recent Posts

यूपी में सपा का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राज्य…

13 hours ago

जंतर-मंतर आंदोलन को मिली नई ताकत! रविंद्र सिंह भाटी और निर्मल चौधरी की एंट्री, सरकार पर बढ़ा दबाव

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को…

14 hours ago

पेपर लीक पर सख्त होगी कार्रवाई, मोदी कैबिनेट ने बिल को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ बड़ा कदम…

15 hours ago

ISRO Internship 2026: अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाने वालों के लिए सुनहरा मौका

अगर आप अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग या नई तकनीक के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते…

15 hours ago

लखनऊ में बनेगा यूपी का नया विधानसभा भवन, कमल की आकृति में होगा भव्य परिसर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही नया विधानसभा परिसर बनने जा रहा है।…

16 hours ago

IRCTC तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, आधार OTP से होगी सुरक्षा मजबूत

आज के डिजिटल समय में ज्यादातर लोग अपने जरूरी काम ऑनलाइन ही करना पसंद करते…

16 hours ago