उत्तर प्रदेश

रामभद्राचार्य पर महंत राघरावाचार्य ने किया तीखा प्रहार, “अंगहीन लोगों को आचार्य बनने का अधिकार नहीं”,”कोई कैसे खुद को ‘एकमात्र जगदगुरु’ कह सकता है?”, महंत राघवाचार्य ने भागवत कथा में व्यक्त की पीड़ा

रामभद्राचार्य पर महंत राघवाचार्य ने किया तीखा प्रहार

 

दक्षिण भारत में आयोजित रामकथा के दौरान अयोध्या स्थित श्रीरामलला सदन के महंत और देश के प्रतिष्ठित कथावाचक जगदगुरु डॉ. राघवाचार्य ने एक भावुक और तीखा वक्तव्य देते हुए जगदगुरु रामभद्राचार्य पर अप्रत्यक्ष रूप से गंभीर सवाल उठाए। रामकथा के मंच से दिए गए इस बयान का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे संत समाज और धार्मिक अनुयायियों में हलचल मच गई है।

डॉ. राघवाचार्य, जो आदि जगदगुरु रामानंदाचार्य परंपरा के प्रतिनिधि माने जाते हैं, ने साफ शब्दों में कहा कि “जिसने आदि जगदगुरु रामानंदाचार्य के भाष्य को स्वीकार नहीं किया और अपने नाम से नया भाष्य लिख दिया, वह व्यक्ति रामानंद संप्रदाय का जगदगुरु कैसे हो सकता है?” उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके वक्तव्य से यह स्पष्ट था कि वे जगदगुरु रामभद्राचार्य की हालिया टिप्पणियों से आहत हैं।

डॉ. राघवाचार्य की यह टिप्पणी तब आई है जब हाल ही में जगदगुरु रामभद्राचार्य द्वारा संत प्रेमानंद महाराज के विरुद्ध कथित टिप्पणी को लेकर संत समाज में विवाद गहरा गया है। राघवाचार्य ने अपने बयान में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि “विद्या को विवाद का माध्यम बना दिया गया है। यदि विद्या का प्रयोग विवाद के लिए किया जाए, तो वह विद्या खल (दुष्ट) के लिए है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति दिव्यांग है, अंगहीन है या उसमें शारीरिक अक्षमता है, तो उसे आचार्य बनने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसे लोग जब आचार्य बनते हैं, तो विवाद ही पैदा होता है।” यह बयान भी परोक्ष रूप से रामभद्राचार्य के लिए देखा जा रहा है, जो स्वयं एक दृष्टिहीन संत हैं और विद्वत्ता के लिए प्रतिष्ठित माने जाते हैं

डॉ. राघवाचार्य ने अपने वक्तव्य में साफ किया कि “साधु का लक्षण सेवा, विनम्रता और त्याग है, न कि अभिमान और अपने आपको सबका गुरु बताना।” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “कुछ लोग हर व्यक्ति को अपना पुत्र या शिष्य कहते हैं, और संत स्वामी करपात्री जी जैसे महान संत को भी अपना मित्र बताते हैं, जो कि केवल अभिमान है।”

अपने संबोधन में डॉ. राघवाचार्य ने भाषा और संस्कृति को लेकर भी गहरी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि संस्कृत में बोलना ही गौरव की बात है, तो फिर लोकभाषा में लिखे गोस्वामी तुलसीदास के ग्रंथों की क्या मान्यता है? उन्होंने लोकभाषा और परंपरा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि “भाषा वह होनी चाहिए जो जनमानस को जोड़ सके, न कि तोड़ने का माध्यम बने।”

डॉ. राघवाचार्य ने रामभद्राचार्य द्वारा लिखे गए ब्रह्मसूत्र भाष्य पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “उन्होंने (रामभद्राचार्य ने) अपने भाष्य के 149वें पृष्ठ पर लिखा है कि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और वल्लभाचार्य अंधे थे। यह अपमानजनक और निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “ऐसा भाष्य लिखने वाला स्वयं अंधा है—बौद्धिक और वैचारिक रूप से। उनका लिखा भाष्य कचरे के समान है।”

डॉ. राघवाचार्य ने यह भी कहा कि “कोई एक व्यक्ति कैसे स्वयं को ‘एकमात्र जगदगुरु’ कह सकता है?” उन्होंने याद दिलाया कि भगवान ही असली जगदगुरु हैं और वे ही जगत के स्वामी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी भी धर्माचार्य को इतना अहंकार क्यों है कि वह स्वयं को भगवान के समकक्ष मानने लगे?

अपने वक्तव्य के अंत में, डॉ. राघवाचार्य ने सभी सनातन धर्म के आचार्यों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म पर चारों ओर से हमला हो रहा है, और ऐसे समय में विभाजन या अहंकार की नहीं, एकता और सेवा की आवश्यकता है।” उन्होंने संत समाज से आग्रह किया कि वे मतभेदों को भूलकर सनातन की रक्षा के लिए संगठित हों।

यह बयान धार्मिक जगत में कई सवाल खड़े कर रहा है। जहां एक ओर यह प्राचीन परंपरा और अनुशासन की बात करता है, वहीं दूसरी ओर यह संकेत भी देता है कि संत समाज के भीतर गहरे मतभेद उभर आए हैं। यह देखना अब शेष है कि जगदगुरु रामभद्राचार्य इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और संत समाज इन बयानों को कैसे लेता है।

हालांकि यह विवाद धार्मिक विचारधारा और परंपरा को लेकर है, लेकिन इसका असर व्यापक सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर पड़ता दिख रहा है। भागवत कथा के मंच से उठी यह पीड़ा अब पूरे देश में एक विचार और विमर्श का विषय बन चुकी है।

Kirti Bhardwaj

Recent Posts

जयपुर में “सहकार से समृद्धि” पर पहली क्षेत्रीय कार्यशाला, सहकारी सुधारों को मिलेगी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विज़न को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी…

10 hours ago

राघव चड्ढा पर केजरीवाल की सामने आई पहली प्रतिक्रिया

राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को बड़ा सियासी…

14 hours ago

वक्त से पहले होगी बारिश, देश में समय से पहले मानसून देगा दस्तक ! IMD ने दी जानकारी

अप्रैल की शुरुआत से ही देश के कई राज्यों में गर्मी ने तेजी पकड़ ली…

15 hours ago

राघव चड्ढा ने छोड़ी AAP, दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में होंगे शामिल

AAP में बड़ी फूट की खबर सामने आई है। 'आम आदमी पार्टी' के संस्थापक सदस्य…

15 hours ago

कंसाई नेरोलैक ने अपने पेंट को भारतीय इतिहास के सबसे कठिन टेस्ट से पार किया

मुंबई, महाराष्ट्र, भारत कुछ लोग सिर्फ दावे करते हैं और कुछ लोग दावे साबित करते…

15 hours ago

राजधानी देहरादून में निकाली गई ‘महिला जन आक्रोश रैली’, CM धामी भी हुए शामिल

देहरादून में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां…

16 hours ago