चण्डीगढ़

चंडीगढ़ कोर्ट में वकीलों ने दिया शांतिपूर्ण धरना, ट्रैफिक चालान की ऑनलाइन प्रक्रिया से नाराजगी

चंडीगढ़ कोर्ट में वकीलों ने दिया शांतिपूर्ण धरना

 

चंडीगढ़ जिला अदालत में को दोपहर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। शहर के कई वकील अचानक कोर्टरूम के अंदर ही जमीन पर बैठकर शांतिपूर्ण धरना देने लगे। ये विरोध किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर नहीं था, बल्कि ट्रैफिक चालान के नए ऑनलाइन निपटारा सिस्टम को लेकर उनकी नाराज़गी का नतीजा था।

वकीलों का कहना है कि, ट्रैफिक चालान कोर्ट में भेजने की प्रक्रिया सही तरीके से लागू न होने के कारण न केवल वकील परेशान हो रहे हैं, बल्कि आम जनता को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

धरने का नेतृत्व एडवोकेट करण खुल्लर, पुनीत छाबड़ा, धीरज कुमार और निखिल थापर ने किया। उन्होंने बताया कि, पहले ट्रैफिक चालान का निपटारा कोर्टरूम में आमतौर पर होता था और लोग अपनी सुनवाई के जरिए तुरंत राहत पाते थे

लेकिन अब ट्रैफिक विभाग ने अधिकतर मामलों को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। जिसके चलते वकीलों को केस तक पहुंच नहीं मिल रही, चालान समय पर कोर्ट में ट्रांसफर नहीं हो रहे, पुराने पेंडिंग चालान अपने आप कोर्ट नहीं पहुंच रहे, जबकि नियम ऐसा कहता है, आम लोग महीनों तक चालान क्लियर न होने से परेशान हैं

एडवोकेट पुनीत छाबड़ा ने बताया कि, नियमों के अनुसार तीन महीने से ज्यादा पुराने सभी चालान स्वतः कोर्ट भेजे जाने चाहिए, लेकिन विभाग ऐसा नहीं कर रहा। जिसके चलते एक बड़ी संख्या में वकील परेशान हैं और लोग अपने मामलों का हल ढूंढते-ढूंढते थक चुके हैं।

वकीलों ने दोपहर में जज साहिब से मिलने की कोशिश की। लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई जिस पर सभी कोर्ट हॉल के अंदर ही जमीन पर बैठ गए। लगभग पौने घंटे तक वकील शांतिपूर्वक धरना देते रहे। न कोई नारेबाजी हुई, न कोई हंगामा।

उनका कहना था कि, ये विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि सिस्टम की खराबी को ठीक करने के लिए जरूर किया जा रहा है।

एडवोकेट करण खुल्लर ने कहा कि, “हम चाहते हैं कि, प्रोसेस बेहतर हो। जब खराब सिस्टम की वजह से हजारों लोग परेशान होते हैं, तो हम चुप नहीं बैठ सकते। कोर्ट में आने वाले हर व्यक्ति को एक सही प्रक्रिया मिलनी चाहिए।”

धरने के दौरान जज साहिब ने वकीलों को बताया कि, सेशन जज छुट्टी पर हैं, इसलिए तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। उन्होंने वकीलों से दो दिन का समय मांगा है ताकि पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट तैयार की जा सके और समस्या का समाधान खोजा जा सके।

वकीलों ने साफ कहा कि, जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक वे अपनी बात मजबूती से रखते रहेंगे, चाहे वे शांतिपूर्ण धरने के रूप में ही क्यों न हो।

जब वकीलों ने पूछा कि, चालान कोर्ट में भेजने की प्रक्रिया क्यों रोकी गई, तो ट्रैफिक अथॉरिटी की ओर से ये तर्क दिया गया कि, ये नया सिस्टम हाईकोर्ट के गाइडलाइंस के तहत लागू किया गया है।

हालांकि वकीलों का कहना है कि, अगर हाईकोर्ट ने कोई नया आदेश जारी किया है, तो उसे स्पष्ट रूप से वकीलों और जनता के बीच साझा किया जाए।
वकीलों के अनुसार, “सुधार जरूरी है, लेकिन सुधार ऐसा हो जिससे काम आसान हो, न कि ज्यादा मुश्किल।”

शहर में ट्रैफिक चालान का ऑनलाइन निपटारा होने के बाद कई वाहन चालक शिकायत कर चुके हैं कि, उनके चालान महीनों तक सिस्टम में अटके रहते हैं और कोर्ट नहीं पहुंचते।

वकीलों का कहना है कि, ये समस्या जल्द दूर की जानी चाहिए क्योंकि ये जनहित से जुड़ा मामला है।वकीलों ने सुझाव दिया कि, “अगर सिस्टम में दिक्कत है तो उसे ठीक करने के लिए बैठकर बातचीत की जाए।

हम विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सिस्टम सारे शहर के लोगों को प्रभावित कर रहा है।” दो दिन बाद वकील फिर अदालत पहुंचेंगे और देखेंगे कि, क्या समाधान प्रस्तुत किया गया है। अगर स्थिति में सुधार नहीं होता, तो वकील आगे की रणनीति बनाएंगे।

admin

Recent Posts

चंडीगढ़ पुलिस में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

चंडीगढ़ पुलिस विभाग में एक साथ कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। उच्च स्तर…

9 minutes ago

दिल्ली में क्यों नहीं रुक रहे बिल्डिंग हादसे? नियमों के बावजूद खड़ी हैं हादसों को दवात देती इमारतें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध और कमजोर इमारतों का खतरा…

2 hours ago

शाहजहांपुर: पुलिसवाले ही बन गए किडनैपर, सर्राफा व्यापारी से की रंगदारी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला…

4 hours ago

मायावती का नया सियासी दांव! आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव…

4 hours ago

उत्तराखंड के इन गांवों में पीलिया और डायरिया का कहर, 100 से ज्यादा बीमार, 2 की मौत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता…

4 hours ago

11 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली महिला, नेपाल में चमत्कारिक रेस्क्यू

नेपाल के नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने…

2 days ago