हरियाणा

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन: इनेलो-बसपा गठबंधन का जोरदार दावा

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन इनेलो-बसपा गठबंधन का जोरदार दावा
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने ओढां में एक भव्य रैली का आयोजन किया। इस रैली में रानियां, डबवाली, कालांवाली विधानसभा क्षेत्रों और चोपटा में सिरसा तथा ऐलनाबाद हलके के लोगों ने भाग लिया। रैली में इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा में इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनने का आश्वासन दिया।
अभय चौटाला ने कहा, “यह चुनाव केवल विधायक बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि सिरसा जिला के लोगों के लिए यह मुख्यमंत्री बनाने का चुनाव है।” उन्होंने पिछले दस वर्षों में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों की नाकामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये सरकारें जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करती रहीं। “कांग्रेस का शासनकाल और उसके बाद भाजपा की सत्ता ने हरियाणा को लूटने का काम किया। अब समय आ गया है कि जनता इनका सूपड़ा साफ करे।”

अभय चौटाला ने हरियाणा में बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली की बुरी स्थिति को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“भाजपा द्वारा युवाओं को बेरोजगारी के दलदल में धकेलने और शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रणाली को पूरी तरह से खत्म करने का परिणाम है कि भाजपा अब हरियाणा में हार के कगार पर है।” उन्होंने आगे दावा किया कि इनेलो-बसपा गठबंधन को 30 से 35 सीटों पर जीत मिलेगी और फिर से आपकी सरकार बनेगी।
चौटाला ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा दलितों के प्रति की गई अभद्र टिप्पणियों की भी निंदा की और कहा,
“कांग्रेस के नेताओं ने लगातार दलितों को निशाना बनाया, जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रचार ने दलित वर्ग को पूरी तरह से इनेलो-बसपा गठबंधन के पक्ष में लामबंद कर दिया है।” उन्होंने विश्वास जताया कि दलित वर्ग अब इस गठबंधन के साथ खड़ा होगा और चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा।
चौटाला ने यह भी कहा कि यदि वह भाजपा में शामिल होना चाहते थे, तो 2014 में मोदी की सरकार बनने पर ही चले जाते। “ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की कैद भी नहीं काटनी पड़ती,” उन्होंने जोड़ा। इस तरह के बयान से उन्होंने यह संदेश दिया कि उनका इरादा हमेशा से भाजपा के खिलाफ रहना था और वे अपने विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे।
अभय चौटाला की इस रैली में उठाए गए मुद्दों और दावों ने स्पष्ट किया कि इनेलो-बसपा गठबंधन हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने का दावा कर रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव परिणाम क्या लाते हैं और क्या वास्तव में यह गठबंधन जनता का विश्वास जीतने में सफल होगा। हरियाणा की राजनीति में यह चुनाव महत्वपूर्ण मोड़ पर है, और सभी पार्टियों की नजरें मतदाता की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन का बड़ा दावा
“इनेलो-बसपा गठबंधन को मिलेगी जीत”
30 से 35 सीटों पर जताया अपना हक

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