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HILL STATION: गर्मियों में भूलकर भी ना जाएं इन हिल स्टेशन, वेकेशन का सारा मजा हो जाएगा किरकिरा, इन हिल स्टेशन की जगह आप जा सकते है यहां।

HILL STATION: गर्मियों में भूलकर भी ना जाएं इन हिल स्टेशन

देखिए हमने आपको हमारी वीडियोज में ये तो बताया है कि इस महीने और इस मौसम में कहां घूम कर आए लेकिन आज की इस वीडियो में हम आपको बताने वाले है कि गर्मी के मौसम में आपको भूलकर भी किन जगहों पर जाने से बचना चाहिए क्योंकि अक्सर देखा गया है कि गर्मियों के महीनों में भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग पहाड़ों की ओर रुख करते हैं। हिल स्टेशन्स पर ठंडी हवा, प्राकृतिक सुंदरता और शांति का आनंद लेने की चाहत में वहां पर इस मौसम में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

जिस वजह से कुछ मशहूर हिल स्टेशन्स पर गर्मियों में इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि ट्रैवल का आनंद लेने की बजाय वहां जाकर हमें और भी परेशान होना पड़ता है। ओवरटूरिज्म के कारण यहां ट्रैफिक जाम, होटलों के बढ़े हुए दाम और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

इस वजह से आपके वेकेशन का सारा मजा किरकिरा हो सकता है। इससे बचने के लिए अगर आप शांत और सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो इन 4 हिल स्टेशन्स पर गर्मी के मौसम में जाने से बचें। साथ ही जानें कि इनकी जगह किन दूसरे हिल स्टेशन्स पर आप जा सकते हैं।

गर्मी में किन हिल स्टेशन्स पर जाने से बचना चाहिए?

शिमला (हिमाचल प्रदेश)

शिमला, भारत के सबसे मशहूर हिल स्टेशन्स में से एक है। गर्मियां शुरू होते ही, यहां पर्यटकों का तांता लग जाता है। मॉल रोड, रिज और जाखू मंदिर जैसी जगहों पर भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि चलने तक में दिक्कत होती है। ट्रैफिक जाम के कारण शिमला से सटे सोलन और कुफरी जैसी जगहों पर भी पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। तो शिमला की जगह चैल, साराहन या चित्कुल जैसे कम भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशन्स पर जाना बेहतर होगा।

ऋषिकेश (उत्तराखंड)

ऋषिकेश योग और स्पिरिचुअल टूरिज्म के लिए मशहूर है, लेकिन गर्मियों में यहां का माहौल काफी हलचल भरा हो जाता है। रिवर राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से शहर में भीड़ और प्रदूषण बढ़ जाता है। होटल्स और गेस्ट हाउसेस बुक हो जाते हैं, जिससे अच्छी जगह ढूंढना मुश्किल होता है। अगर आप ऋषिकेश जैसा शांत वातावरण चाहते हैं, तो लैंसडाउन या चोपता जैसी जगहें बेहतर ऑप्शन हो सकती हैं।

नैनीताल (उत्तराखंड)

नैनीताल को “क्वीन ऑफ लेक्स” कहा जाता है, लेकिन गर्मियों में यहां की सुंदरता पर्यटकों की भीड़ के कारण फीकी पड़ जाती है। नैनी लेक के आसपास इतनी भीड़ होती है कि बोटिंग का आनंद लेना मुश्किल हो जाता है। सड़कों पर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या भी आम बात हो जाती है। इसलिए अगर आप नैनीताल जैसी खूबसूरत जगह देखना चाहते हैं, तो अल्मोड़ा, रानीखेत या मुक्तेश्वर जैसे कम भीड़ वाले हिल स्टेशन्स पर जा सकते हैं।

मसूरी (उत्तराखंड)

मसूरी को “क्वीन ऑफ हिल्स” कहा जाता है, लेकिन गर्मियों में यहां की रानी जैसी शोभा भीड़ के कारण खो जाती है। मॉल रोड, कैमल्स बैक रोड और गन हिल जैसी जगहों पर इतनी भीड़ होती है कि शांति से घूमना मुश्किल हो जाता है। होटल्स के दाम बहुत बढ़ जाते हैं और वातावरण में शोरगुल घुल जाता है। अगर आप मसूरी जैसा माहौल चाहते हैं, तो लैंडौर या धनोल्टी जैसे शांत हिल स्टेशन्स बेहतर ऑप्शन साबित हो सकते हैं।

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