दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला, स्पेसएक्स, और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे दिग्गज टेक्नोलॉजी ब्रांड्स के मालिक एलन मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से अपना इस्तीफा दे दिया है। एलन मस्क ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से घोषणा की कि वे अब सरकारी दक्षता विभाग (Department of Government Efficiency – DOGE) की जिम्मेदारी से मुक्त हो रहे हैं। उन्होंने ट्रंप को DOGE की जिम्मेदारी देने के लिए धन्यवाद भी दिया। मस्क की यह भूमिका शुरू से ही अस्थायी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी उपस्थिति और प्रभाव पूरे प्रशासन में काफी चर्चा का विषय बनी रही।
जब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने, तब उन्होंने सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने और नौकरशाही को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से DOGE की स्थापना की। हालांकि यह विभाग आधिकारिक नहीं था, क्योंकि इसे अमेरिकी संसद से मान्यता नहीं मिली थी। इसके बजाय, DOGE एक सलाहकार संस्था के रूप में ट्रंप के कार्यकारी आदेश से काम कर रही थी। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज की दक्षता बढ़ाना और फिजूलखर्ची पर रोक लगाना था।
एलन मस्क को इसका प्रमुख चेहरा बनाया गया। उन्हें टेक्नोलॉजी, बिजनेस और मैनेजमेंट के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए चुना गया। मस्क ने इस भूमिका को स्वीकार करते हुए वादा किया था कि वे अमेरिकी सरकार का दो ट्रिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक खर्च कम करने में मदद करेंगे। उनका कहना था कि सरकार की मौजूदा और पूर्ववर्ती नीतियों में अत्यधिक खर्च और प्रणालीगत अक्षमताएँ मौजूद हैं।
एलन मस्क ने DOGE के जरिए जो तीन मुख्य वादे किए थे, वे इस प्रकार थे:
इन तीनों लक्ष्यों के लिए मस्क ने कुछ स्पष्ट मानक तय किए। इनमें निम्नलिखित कदम शामिल थे:
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते शुरुआत में सहयोगात्मक थे। दोनों ही व्यक्ति उच्च तकनीकी, नवाचार और अमेरिकी हितों की बात करते रहे। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले ही मस्क ने कहा था कि वे यदि राष्ट्रपति बने, तो वह सरकार में खर्च कम करने के प्रयासों में सहयोग देंगे। इस सहयोग का प्रतीक था DOGE, जिसका मिशन नौकरशाही को प्रभावी बनाना था।
हालांकि समय के साथ इन संबंधों में खटास आने लगी। एक प्रमुख मोड़ तब आया जब मस्क ने ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ की आलोचना की। यह ट्रंप का महत्वाकांक्षी विधेयक था, जो सरकारी खर्च से जुड़ा था। मस्क ने इस बिल को DOGE के उद्देश्यों के विरुद्ध बताया और कहा कि यह खर्च में कटौती नहीं बल्कि वृद्धि करेगा। उनके इस बयान के बाद से ट्रंप समर्थकों की आलोचना का सामना करना पड़ा।
एलन मस्क का कार्यकाल आधिकारिक रूप से 31 मई तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने इसके दो दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या उनके और ट्रंप प्रशासन के बीच मतभेद इस जल्दी इस्तीफे की वजह बने? कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मस्क का इस्तीफा योजनाबद्ध था, लेकिन ट्रंप के बिल पर उनकी टिप्पणी के चलते इस पर विशेष ध्यान गया।
जब मस्क ट्रंप प्रशासन में शामिल हुए थे, तब कई विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया था कि क्या इससे उनके व्यवसायों—टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स—पर कोई प्रभाव पड़ेगा? चार महीनों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि:
मस्क ने सरकारी खर्चों में कटौती का जो वादा किया था, उसमें आंशिक सफलता मिली। DOGE की रिपोर्ट्स के अनुसार:
हालांकि यह आंकड़े उनके घोषित लक्ष्य (2 ट्रिलियन डॉलर) से काफी कम हैं, लेकिन इतने कम समय में इसे एक बड़ी शुरुआत माना जा रहा है।
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