पलवल में सड़क पर बैठकर चाय पीते दिखे धीरेंद्र शास्त्री
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का आज चौथा दिन है। शनिवार सुबह यात्रा की शुरुआत फरीदाबाद जिले के सीकरी गांव से हुई, जहां से हजारों की संख्या में भक्त ध्वज और भगवा झंडे लेकर आगे बढ़े।
इस मौके पर मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी यात्रा में शामिल हुए, जिनकी मौजूदगी से माहौल और अधिक धार्मिक हो गया।
यात्रा के दौरान जब धीरेंद्र शास्त्री का काफिला पृथला गांव पहुंचा, तो वे थोड़ी देर के लिए सड़क किनारे रुके। इसी दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ जमीन पर बैठकर चाय पी और उनसे बातचीत की।
ये नज़ारा देखकर आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। लोगों ने उनके साथ फोटो ली और जय श्रीराम के नारे लगाए। जिसके बाद यात्रा पलवल जिले की सीमा में प्रवेश कर गई। दिनभर कई गांवों से होते हुए ये यात्रा पलवल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में पहुंची, जहां रात में रात्रि विश्राम होगा।
इससे पहले कल रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सीकरी गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की और यात्रा के उद्देश्य के बारे में जानकारी ली। CM सैनी ने इसे “सनातन एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाली पहल” बताया।
उन्होंने कहा कि, “धार्मिक आस्था और देशभक्ति, दोनों भारत की आत्मा हैं, और ऐसी यात्राएं समाज में एकता का संदेश देती हैं।” CM सैनी की इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा रही। कई यूजर्स ने इसे “राजनीतिक समर्थन” बताया तो कुछ ने “आध्यात्मिक संगम” कहा।
पदयात्रा के दूसरे दिन धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि, “देश में एक नई क्रांति आने वाली है। धर्म विरोधी ताकतें भारत को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन अब जागृति का समय है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि, वे भारतीय सेना को आर्थिक सहयोग दें, ताकि देश की रक्षा के लिए “ज्यादा से ज्यादा गोला-बारूद” खरीदा जा सके। उन्होंने कहा, “यह यात्रा केवल धर्म की नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए है। अगर भारत का सैनिक मजबूत रहेगा, तभी भारत का धर्म सुरक्षित रहेगा।”
हालांकि पदयात्रा को लेकर विवाद भी सामने आया। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि, “अगर कोई मुस्लिम नेता मुस्लिम राष्ट्र के लिए यात्रा निकाले, तो उस पर केस दर्ज हो जाता है, लेकिन हिंदू राष्ट्र की बात करने वालों को समर्थन मिलता है।”
इस पर जवाब देते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि,“हर व्यक्ति को यात्रा निकालने का अधिकार है। हमने अपनी यात्रा भारतीय सेना को समर्पित की थी, आज की यात्रा सिख गुरु तेज बहादुर और देश के संतों को समर्पित है।
अगर कोई इस अंतर को समझता है, तो वो भी अपनी यात्रा निकाल सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि, “भारत में सनातन धर्म सबसे बड़ा धर्म है, जो सबको जोड़ने का काम करता है। हमारी यात्रा किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सबके लिए है।”
हरियाणा में जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। जगह-जगह लोग फूल बरसाकर स्वागत कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। फरीदाबाद और पलवल जिलों में ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया है ताकि यात्रा सुचारू रूप से निकल सके।
आयोजकों के अनुसार, ये यात्रा आने वाले दिनों में हरियाणा के कई जिलों से होकर निकलेगी और जिसका उद्देश्य “सनातन धर्म के प्रति जागृति और सामाजिक एकता” का संदेश देना है।
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