रादौर में मुख्यमंत्री का दौरा खासा विवादास्पद रहा, जहां कर्ण देव ने मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने कांबोज समुदाय को मनाने के लिए रादौर का दौरा किया, लेकिन बैठक के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया।
कर्ण देव ने मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने के अपने फैसले का खुलासा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के प्रति कुछ मुद्दों को लेकर नाराजगी है। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा को एक अल्टीमेटम दिया, जिसमें उन्होंने पार्टी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और यह देखने की बात होगी कि भाजपा इस चुनौती का सामना कैसे करती है। मुख्यमंत्री के दौरे की असफलता और कर्ण देव के अल्टीमेटम ने राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक इस स्थिति को भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती मान रहे हैं, जो आगामी चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। आगामी दिनों में इस मामले की संभावित सुलझाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर सबकी निगाहें रहेंगी।
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