शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के जन्मदिन के मौके पर करनाल के महाराजा अग्रसेन भवन में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शहीद की याद में आयोजित रक्तदान शिविर में न सिर्फ उनके परिवार ने हिस्सा लिया, बल्कि दूर-दराज से आए सैकड़ों लोगों ने भी रक्तदान कर इस दिन को यादगार बना दिया।
इस खास मौके पर शहीद की पत्नी हिमांशी नरवाल पहली बार मीडिया के सामने आईं। उन्होंने खुद भी परिवार के साथ रक्तदान किया और भावुक स्वर में कहा:
“हम नहीं चाहते कि किसी और के साथ ऐसा हादसा हो जैसा हमारे साथ हुआ। हम शांति चाहते हैं और उन आतंकियों को सजा मिलनी चाहिए, जिन्होंने मासूमों की जान ली। लेकिन कश्मीरियों से नफरत न करें। विनय को श्रद्धांजलि देने का ये हमारा तरीका है।”
रक्तदान से पहले सभी का मेडिकल चेकअप किया गया, ताकि रक्तदान सुरक्षित और स्वस्थ रूप में किया जा सके। आयोजन में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने देशप्रेम का प्रमाण दिया।
लेफ्टिनेंट विनय की बहन सृष्टि नरवाल ने बताया कि यह शिविर विनय के जन्मदिन पर खास तौर पर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा:
“विनय सिर्फ हमारे नहीं, पूरे देश के बेटे थे। जो सम्मान और प्रेम आज लोगों से मिला है, वह हमारे लिए बहुत बड़ा संबल है।”
उन्होंने यह भी बताया कि करनाल ही नहीं, बल्कि आस-पास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे साफ है कि शहीदों के प्रति देशवासियों की भावना कितनी गहरी है।
आयोजकों ने बताया कि यह सिर्फ एक रक्तदान शिविर नहीं था, बल्कि एक संदेश था — कि देश के लिए जान देने वाले कभी भुलाए नहीं जाते।
शिविर में आए लोगों ने कहा कि यह श्रद्धांजलि विनय के प्रति उनके सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी।
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