महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार को बड़ा सियासी मोड़ तब आया जब करीब 20 साल बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए। मुंबई में आयोजित ‘विजय रैली’ में दोनों नेताओं की एकजुटता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। ये साथ सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी संकेत है कि राज्य में मराठी अस्मिता और हिंदुत्व की राजनीति एक नए रूप में उभर रही है। लेकिन इस नए समीकरण ने जहां सत्तारूढ़ महायुति (बीजेपी-शिंदे) के लिए चिंता बढ़ाई है, वहीं महाविकास अघाड़ी के भीतर भारी असहजता और अंतर्विरोध खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें:
चंडीगढ़ पुलिस विभाग में एक साथ कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। उच्च स्तर…
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध और कमजोर इमारतों का खतरा…
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव…
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता…
नेपाल के नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने…