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आलू-प्याज बेचने वाला झंडू कुमार बना कॉमनवेल्थ गेम्स का मेडलिस्ट, गरीबी और पोलियो को हराया

बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार, जिन्होंने बचपन में सड़क किनारे आलू-प्याज बेचे और पोलियो के कारण चलने की क्षमता खो दी, ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा पावर लिफ्टिंग में 190 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने भारत के लिए इस खेल में पहला पदक जीतकर मेडल खाता खोला। उनकी मां के आशीर्वाद और अटूट मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स, पैरा ओलंपिक और 232 किलो का विश्व रिकॉर्ड है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़ता।

Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।

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