बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार, जिन्होंने बचपन में सड़क किनारे आलू-प्याज बेचे और पोलियो के कारण चलने की क्षमता खो दी, ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा पावर लिफ्टिंग में 190 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने भारत के लिए इस खेल में पहला पदक जीतकर मेडल खाता खोला। उनकी मां के आशीर्वाद और अटूट मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स, पैरा ओलंपिक और 232 किलो का विश्व रिकॉर्ड है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़ता।
जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव को बिहार बंद और छात्र आंदोलन के…
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगभग दो सप्ताह से जारी ईरान पर सैन्य हमलों को…
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन अब समाप्त…
राजधानी दिल्ली में छात्र आंदोलन के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर है।…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…