लड़कियों पर बयान देकर घिरे कथावाचक अनिरूद्धाचार्य
25 साल की लड़कियां 25 जगह मुंह मार चुकी होती हैं, वो क्या घर बसाएंगी। ये शब्द किसी अनपढ़ या ग्वार व्यक्ति के लगते हैं, लेकिन नहीं ये लड़कियों को लेकर दिया गया बयान प्रसिद्ध कथावाचक अनिरूद्धाचार्य का है, अब इनको क्या बोला जाए कथावाचक के मुंह से लड़कियों के लिए ऐसे शब्द उनकी मानसिकता को साफ रूप से प्रकट करता है। लिव इन को लेकर अनिरूद्धाचार्य ने ये बयान दिया। हालांकि वो इस वीडिय़ो को लेकर माफी भी मांग चुके है लेकिन क्या सिर्फ माफी इसका इलाज है। ये मैं आप पर छोड़ती हूं….
अनिरूद्धाचार्य का वीडियो दो साल पुराना बताया जा रहा है। लेकिन उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन, पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने कहा कि, ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी।
खुशबू पाटनी का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वो कह रहीं है कि, अगर ये शख्स मेरे सामने होता, तो मैं इसे अच्छे से समझा देती कि ‘मुंह मारना’ क्या होता है।
इसे राष्ट्र विरोधी कहने में मुझे कोई हिचक नहीं। जिस इंसान की सोच इतनी घटिया हो, उसे मंच मिलना ही नहीं चाहिए। खुशबू पाटनी ने सवाल उठाया कि- अगर कोई लिव-इन में है, तो क्या लड़की अकेली है? क्या लड़के शामिल नहीं होते?
खुशबू ने कहा कि, ये दुखद है कि, ऐसे बदजुबान लोगों को समाज में फॉलो किया जाता है। समाज के सारे नामर्द इसे फॉलो कर रहे हैं।
जो लड़कियों के चरित्र पर उंगली उठाता है, वो किसी भी धर्म या संस्कृति का प्रतिनिधि नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस आधार पर एक कथावाचक ऐसा भद्दा बयान देता है? क्या धर्म के मंच से इस तरह के प्रवचन दिए जा सकते है?
आइए जरा आपको पूरे मामले से रूबरू करवाती हूं और बताती हूं कि आखिर ये पूरा मामला है क्या.. एक वीडियो बहुत तेजी से प्रसारित होता है जिससे ये विवाद खड़ा हो जाता है एक कथा के दौरान का ये वीडियो है। जिसमें एक भक्त सवाल करता है- गुरु जी राधे-राधे, घर वाले मुझसे शादी करने के लिए बोलते हैं। लेकिन, मुझे थोड़ा डर लगता है। हम आजकल देख रहे हैं बहुत जल्द डायवोर्स हो जा रहे हैं।
अनिरुद्धाचार्य ने जवाब में कहते हैं कि, इसका एक ही समाधान है। लड़की 14 साल की होगी और 14 साल की कोई लड़की आपके घर दुल्हन बन कर आ जाएगी, तो उस समय तो वो बच्ची होगी। समझ रहे हो? लोग फिर जल्दी शादियां करना शुरू कर देंगे। क्योंकि अब लड़कियां लाते हैं 25 साल की, 25 साल की लड़की चार जगह मुंह मार चुकी होती है। वो 25 साल की जब तक आती है, तो पूरी जवान हो कर आएगी। स्वाभाविक है कि उसकी जवानी कहीं न कहीं फिसल जाएगी।
इसके अलावा अनिरुद्धाचार्य का एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें वो कथा में कह रहे हैं कि, पहले के लोग इतने समझदार थे कि लिव-इन की जरूरत नहीं थी। अपनी पत्नी और पति के साथ ही वो लिव-इन में रहा करते थे। आज के लोग क्या कर रहे हैं, पहले 10 लड़कियों या 10 लड़कों के साथ लिव-इन में रह लिया। अब जो 10 के संग रह चुकी है या रह चुका है वो एक के साथ साथ कैसे रहेगी या रहेगा। पहले तो ये सोचो जो 10 जगह मुंह मार चुका है या चुकी है, वो एक के साथ बंधेगी या बंधेगा कभी।
विवाद के बाद अनिरुद्धाचार्य ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा- राधे-राधे, जय गौरी गोपाल… आप लोगों द्वारा हमें सूचना मिली कि हमारी कुछ बहनें नाराज हैं। क्योंकि उन लोगों ने आधी एक वीडियो सुनी, जिस वीडियो में कहा गया कि आजकल 25 साल की लड़की… देखो बात क्या कही जाती है कि कुछ लड़कियां कैसी होती हैं?
कुछ लड़कियां ऐसी होती हैं, जो लिव-इन में रह कर चार जगह मुंह मार कर आती है और वो किसी के भी घर की बहू बन जाएंगी। अब आप ही बताइए कि क्या वो रिश्ते को निभा पाएंगी? इसलिए लड़की हो या लड़का दोनों को पहले तो चरित्रवान होना चाहिए।
ये बात कुछ लड़कियों के लिए कही थी। जैसे कि अभी एक राजा रघुवंशी को उसकी पत्नी ने मार दिया और वो 25 साल की ही थी। जिस लड़की ने अपने पति राजा को मारा वो 25 साल की है और उसने किसी पराए पुरुष के कारण अपने पति को मार दिया। तो वही बात कही जा रही है कि आजकल कुछ लड़कियां… अब देखो मेरी वीडियो से कुछ शब्द हटा दिया।
मेरे द्वारा कभी नारी का अपमान नहीं किया जा सकता। नारी तो हमारी लक्ष्मी है। फिर भी मेरी आधी अधूरी बात सुनकर के किसी भी बहन बेटी का दिल दुखा हो तो ये दास सदा आपका था। आपका है, आपका ही रहेगा। यदि आधी अधूरी बात सुन कर आपका दिल दुखा तो मुझे क्षमा अवश्य करें।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने बयान पर यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने कहा कि- या तो उनमें बुद्धि नहीं है या फिर उन्हें कम उम्र में शोहरत मिल गई है। आयोग उनके बयान का संज्ञान लेगा। मैं कथावाचक की टिप्पणी का घोर विरोध करती हूं। उन्होंने महिलाओं और बेटियों को लेकर बेहद हल्की बात की है।
कोई भी इतनी गंदी और घटिया भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता है। व्यासपीठ पर बैठकर इतने बडे़ कथावाचक ऐसी बात कर रहे हैं। वो एक पब्लिक फिगर है। उनको सुनने हजारों भी भीड़ आती है। जिसमें 80 फीसद महिलाएं हैं। उसके बाद भी ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
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