BIHAR CHUNAV: बिहार चुनाव से पहले PK ने बनाई भ्रष्ट नेता की लिस्ट
बिहार में विधानसभा चुनाव (BIHAR CHUNAV) की तैयारियों के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी पार्टी की, योजनाओं का खाका पेश किया। पीके ने भ्रष्टाचार, शराबबंदी, शिक्षा, बेरोजगारी और राज्य की कानून व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा कि, विधानसभा चुनाव(BIHAR CHUNAV) में जन सुराज की सरकार बनती है, तो सबसे पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एलान किया कि, सत्ता में आते ही एक हफ्ते के अंदर बिहार के 100 सबसे भ्रष्ट अफसरों और नेताओं को जेल भेजा जाएगा। उनके मुताबिक, ये कदम बिहार में साफ-सुथरा प्रशासन और पारदर्शी शासन व्यवस्था लागू करने की दिशा में पहला बड़ा प्रयास होगा।
पाली रोड पर एक निजी होटल में रोहतास के प्रबुद्ध जनों के साथ संवाद करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, बिहार में शराबबंदी एक दिखावा मात्र है। “ये एक फर्जी कानून बनकर रह गया है। शराब पर रोक का दावा किया जाता है, लेकिन असलियत ये है कि यहां शराब की होम डिलीवरी हो रही है।”
पीके ने आरोप लगाया कि शराबबंदी के कारण हर साल सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और ये पैसा भ्रष्ट अफसरों और नेताओं की जेब में जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, अगर बिहार सरकार शराबबंदी कानून को सफल मानती है, तो इसे उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में भी लागू क्यों नहीं किया जाता ?
प्रशांत किशोर ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, आधे से ज्यादा पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक कर्मचारी शराब और बालू माफियाओं से पैसे वसूलने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कानून का शासन नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और अपराधियों की सांठगांठ से राज्य चल रहा है।
जन संवाद के दौरान पीके ने बिहार में शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ते पलायन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, जब तक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक राज्य का विकास संभव नहीं है। प्रशांत किशोर का मानना है कि, बिहार के युवाओं को बाहर जाने के लिए मजबूर करने वाली नीतियों को बदलना होगा।
प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि, कैग (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार(BIHAR CHUNAV) के पास पिछले पांच वर्षों में खर्च हुए 70,000 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि, जब सरकार लगातार फंड की कमी का रोना रोती है, तो आखिर यह पैसा कहां खर्च हुआ?
प्रशांत किशोर इन दिनों ‘बिहार बदलाव यात्रा’ (BIHAR CHUNAV)पर हैं, वे राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसका मकसद जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करना और जमीनी मुद्दों को समझना है। रोहतास में आयोजित कार्यक्रम भी इसी यात्रा का हिस्सा था।
बिहार में विधानसभा चुनाव(BIHAR CHUNAV) भले ही कुछ महीनों दूर हों, लेकिन प्रशांत किशोर ने अभी से चुनावी मोर्चा खोल दिया है। भ्रष्टाचार, शराबबंदी और शिक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर उनके तीखे सवालों और वादों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि, जनता उनके इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।
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