आज यानी 10 जुलाई को देशभर में श्रद्धालु योगिनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पापों का नाश होता है और जीवन में आने वाली कई परेशानियों से राहत मिलती है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी धर्मराज युधिष्ठिर को इस एकादशी के महत्व के बारे में बताया था।
यदि आपने 10 जुलाई (शुक्रवार) को योगिनी एकादशी का व्रत रखा है, तो उसका पारण 11 जुलाई (शनिवार) को किया जाएगा।
11 जुलाई (शनिवार)
दोपहर 1:50 बजे से शाम 4:36 बजे तक
कुल अवधि 2 घंटे 46 मिनट
वहीं, वैष्णव संप्रदाय के श्रद्धालु या जिन्होंने 11 जुलाई को एकादशी व्रत रखा है, वे 12 जुलाई (रविवार) को पारण करेंगे।
12 जुलाई (रविवार)
सुबह 5:32 बजे से सुबह 8:18 बजे तक
कुल अवधि 2 घंटे 46 मिनट
पारण करते समय इन नियमों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का पारण सही विधि से करना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
तुलसी और चरणामृत से करें शुरुआत: व्रत खोलते समय सबसे पहले भगवान विष्णु को अर्पित चरणामृत, तुलसी दल या सात्विक भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व: पारण से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
योगिनी एकादशी तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी की तिथि 10 जुलाई सुबह 8:16 बजे से शुरू हो चुकी है। यह तिथि 11 जुलाई सुबह 5:22 बजे समाप्त होगी।
धार्मिक मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही व्यक्ति के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के वित्त…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर और विकास…
मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन और पुलिस…
देश में एक बार फिर कोरोना वायरस को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। आंध्र प्रदेश…
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पार्टी के भीतर हलचल…
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई…