पिछले कुछ दिनों से यह खबर सुर्खियों में है कि व्हाट्सएप भारत में अपनी सेवा बंद कर सकता है। व्हाट्सएप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा ने 2021 में भारत सरकार द्वारा लाए गए नए आईटी नियमों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इन नियमों के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को “मैसेज ट्रेस” करने में सक्षम होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि वे सरकार को यह बताने में सक्षम होंगे कि कौन किसके साथ संवाद कर रहा है।
व्हाट्सएप का कहना है कि एन्क्रिप्शन को तोड़ना उसकी गोपनीयता नीति का उल्लंघन होगा और उसके यूजर्स की सुरक्षा को खतरे में डालेगा। कंपनी का तर्क है कि यह “मैसेज ट्रेस” करने में सक्षम नहीं है क्योंकि मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, जिसका अर्थ है कि केवल भेजने वाला और प्राप्तकर्ता ही उन्हें पढ़ सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल को दोनों पक्षों की सुनवाई की। व्हाट्सएप ने अदालत को बताया कि अगर उसे एन्क्रिप्शन तोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह भारत में काम करना बंद कर देगा।
अदालत ने इस मामले पर कोई फैसला नहीं सुनाया है और अगली सुनवाई 15 मई को होगी। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि व्हाट्सएप भारत में अपनी सेवा बंद करेगा या नहीं। यह भारत सरकार और दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।
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