उत्तर भारत में ठंड की ठिठुरन बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों के अंदर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोहरा और भी ज्यादा घना होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में कम हवाओं के कारण आसमान में धुंध की मोटी चादर छाई हुई जिससे दृश्यता जीरो हो गई है।
बता दें कि, विजिबिलिटी जीरो होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चल रहे है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंच गया है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। आज दिल्ली के बड़ाखंबा रोड पर एक्यूआई का स्तर 474 दर्ज किया गया।
वहीं, स्मॉग इतना गहरा था कि, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहनों की दृश्यता बेहद कम हो गई है। सड़कों पर वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंच गया है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। वहीं, राजधानी के कई इलाकों से आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्मॉग की मोटी परत ने राजधानी को घेर रखा है। जिसमें इमारतें और वाहन धुंध में गुम हो गए है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में हल्की बारिश या भारी बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में पहुंचेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। वहीं, इसी को ध्यान में रखते हुए IMD ने अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान गिरने की चेतावनी जारी की है।
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