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सैनी सरकार का यू-टर्न, एक अगस्त से जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाने का फैसला टला

CHANNEL4 NEWS INDIA


हरियाणा की सैनी सरकार जनता के आक्रोश से डर गई है। दरअसल एक दिन पहले ही हरियाणा सरकार ने ऐस ऐसा फैसला लिए था जिससे हरियाणा में महंगाई बढ़ सकती थी। जमीनों के दाम आसमान छू सकते थे लेकिन अब हरियाणा के लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने फिलहाल एक अगस्त से जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाने के फैसले को टाल दिया है। पहले सरकार ने आदेश जारी कर कहा था कि आगामी 1 अगस्त से पूरे राज्य में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी लागू कर दी जाएगी। लेकिन अब सरकार ने इस फैसले पर यू-टर्न लेते हुए इसे स्थगित कर दिया है। सरकार की ओर से एक नई चिट्ठी जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि जल्द ही नए सिरे से कलेक्टर रेट तय किए जाएंगे और तब उन्हें लागू किया जाएगा।

पिछले साल भी बढ़ा का कलेक्टर रेट

दरअसल, कलेक्टर रेट वह न्यूनतम कीमत होती है जिस पर किसी जमीन या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की जाती है। इसे सरकारी भाषा में “गाइडलाइन रेट” भी कहा जाता है। चाहे बाजार में किसी जमीन की कीमत कुछ भी हो, लेकिन सरकारी रजिस्ट्री इसी कलेक्टर रेट पर होती है। अगर कलेक्टर रेट बढ़ा दिया जाए, तो जमीन खरीदने वालों को ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ता है, जिससे आम लोगों पर सीधा आर्थिक असर पड़ता है।पिछले साल भी हरियाणा सरकार ने जमीन के कलेक्टर रेट में 12% से लेकर 32% तक की भारी बढ़ोतरी की थी। खासकर दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोहना, पटौदी, रोहतक, करनाल, पानीपत और बल्लभगढ़ आदि में रेट सबसे ज्यादा बढ़ाए गए थे। उदाहरण के तौर पर, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में कलेक्टर रेट में 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था, जबकि रोहतक, सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे जिलों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी। इन इलाकों में जमीन की कीमत पहले से ही अधिक है, और कलेक्टर रेट बढ़ने से वहां प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा हो जाता।

कलेक्टर रेट बढ़ने से जेब होती ही ढीली 

सरकार के इस फैसले को फिलहाल टालने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो नई जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे थे। क्योंकि जैसे ही कलेक्टर रेट बढ़ते हैं, उसी हिसाब से रजिस्ट्रेशन फीस, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ जाते हैं, जिससे कुल खर्च काफी बढ़ जाता है।सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला स्थायी नहीं है, बल्कि सिर्फ कुछ समय के लिए टाला गया है। यानी आने वाले दिनों में नई समीक्षा के बाद संशोधित कलेक्टर रेट जारी किए जाएंगे और तब उन्हें लागू किया जाएगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर उन लोगों को जो निकट भविष्य में प्रॉपर्टी लेन-देन की सोच रहे हैं।साफ है कि फिलहाल आम जनता को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन आने वाले समय में जमीन खरीदने की लागत फिर से बढ़ सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि लोग अपने फैसले सोच-समझकर और समय रहते लें।

Rupesh Jha

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