आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने दो अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज की है। इन मामलों में उन पर भ्रष्टाचार और महिलाओं के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं भी शामिल हैं।
संदीप पाठक उन सात सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में AAP छोड़कर बीजेपी जॉइन की है। उन्हें 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की बड़ी जीत के पीछे एक अहम रणनीतिक चेहरा माना जाता है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब एक दिन पहले ही पंजाब विधानसभा में AAP सरकार ने विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) जीत लिया था।
वहीं, इस मामले पर संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें किसी भी एफआईआर की जानकारी नहीं है और पुलिस ने भी उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया है। उन्होंने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि वे हमेशा ईमानदारी से काम करते आए हैं और उनके खिलाफ यह कार्रवाई गलत है।
दूसरी तरफ बीजेपी ने इस मामले को लेकर AAP सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि पंजाब में अब कानून के बजाय राजनीतिक बदले की भावना से काम हो रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जैसे ही संदीप पाठक बीजेपी में शामिल हुए, उनके खिलाफ तुरंत गंभीर एफआईआर दर्ज कर दी गई, जो राजनीतिक दबाव को दिखाता है।
