उत्तर प्रदेश

Statements by narrator Aniruddhacharya: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान से गहरा गया विवाद, मथुरा में कथा के दौरान मीडिया पर बोले अनिरुद्धाचार्य, “मेरे खिलाफ साजिश चर रहे हैं मीडिया वाले”:अनिरुद्धाचार्य

Statements by narrator Aniruddhacharya: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान से गहरा गया विवाद

मथुरा में कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा मीडिया को लेकर दिए गए बयानों के बाद विवाद गहरा गया है। उनके वक्तव्यों का एक वीडियो सामने आने के बाद धार्मिक, सामाजिक और मीडिया जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अनिरुद्धाचार्य ने अपने संबोधन में मीडिया के एक वर्ग पर सनातन धर्म को बदनाम करने, अफवाह फैलाने और उनके खिलाफ साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए।

कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि मीडिया के कुछ लोग लगातार सनातन को बदनाम करने का काम कर रहे हैं और इंटरनेशनल मीडिया भी उनके पीछे पड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए उनके बारे में झूठी खबरें चलाई जा सकती हैं, यहां तक कि उन्हें मरा हुआ बताकर ब्रेकिंग न्यूज भी दिखाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास बहुत पैसा है, वे उनकी हत्या तक करवा सकते हैं। अनिरुद्धाचार्य ने दावा किया कि धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति को मीडिया ने उसकी मौत से पहले ही मृत घोषित कर दिया था।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें टीवी के माध्यम से यह जानकारी मिली कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सच्चाई जानने के लिए जब वह थाने पहुंचे तो वहां मौजूद थानेदार ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इस संदर्भ में उन्होंने मीडिया की तुलना पौराणिक पात्र मंथरा से करते हुए कहा कि पहले मंथरा घरों में झगड़े कराती थी और अब मीडिया समाज में लड़ाई करवा रही है।

अनिरुद्धाचार्य ने अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मीडिया से पूछना चाहते हैं कि क्या वह किसी के घर जाकर खाना मांगते हैं या चोरी करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनसे दुश्मनी क्या है और उनका कसूर क्या है। उन्होंने कहा कि वह सनातन धर्म की सेवा कर रहे हैं और क्या यही उनका अपराध है। उन्होंने आशंका जताई कि पैसे के बल पर उनके खिलाफ झूठे मामले भी दर्ज कराए जा सकते हैं, यहां तक कि किसी लड़की को पैसे देकर फंसाने की कोशिश भी हो सकती है।

कथावाचक ने कहा कि आज कोई भी सच सुनना नहीं चाहता और उनका मामला जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर की नजरों में गिरना नहीं चाहते, इसलिए सेवा का मार्ग अपनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे लोगों ने सीता माता को नहीं छोड़ा, वैसे ही उनके खिलाफ भी आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह लोगों को गुटखा और शराब जैसी आदतें छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिससे कुछ लोगों के व्यापार पर असर पड़ रहा है। अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, यही वजह है कि कुछ लोग उनके खिलाफ हैं, क्योंकि वे केसर और गुटखा जैसे उत्पादों का विज्ञापन करने वालों से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि आने वाले समय में विधर्मियों को तलवार उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि हिंदू समाज खुद अपना सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग आपस में ही लड़कर मर जाएंगे। उन्होंने देश में हो रहे धर्मांतरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लगातार लोगों को दूसरे धर्मों में कन्वर्ट किया जा रहा है, लेकिन मीडिया इस पर कभी बात नहीं करती। उनके मुताबिक, मीडिया जानती है कि ऐसे मुद्दों पर चर्चा करने से टीआरपी नहीं मिलेगी।

अनिरुद्धाचार्य ने आरोप लगाया कि मीडिया कभी किसी का भला नहीं चाहती और उसका मकसद सिर्फ सनसनी फैलाना है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, सनातन की सेवा करना ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म है और वे उसी रास्ते पर चल रहे हैं।

कथावाचक के इन बयानों के सामने आने के बाद मथुरा के पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि व्यास पीठ पर बैठकर समाज को ज्ञान देने वाले व्यक्ति को अपनी भाषा और शब्दों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पत्रकारों का आरोप है कि अनिरुद्धाचार्य की भाषा शैली बेहद अशोभनीय है और इससे मीडिया की छवि को ठेस पहुंचती है।

पत्रकारों ने यह भी कहा कि इस तरह के बयानों से समाज में भ्रम और तनाव पैदा होता है। उनका कहना है कि मीडिया को लेकर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और इससे पत्रकारों की सुरक्षा और प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े होते हैं। मथुरा के पत्रकार संगठनों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले की शिकायत प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक की जाएगी।

पत्रकारों का यह भी कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे इस मुद्दे को लेकर साधु-संतों और धार्मिक संगठनों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि इस तरह के बयानों पर आपत्ति दर्ज कराई जा सके। पूरे मामले को लेकर मथुरा में धार्मिक मंचों और मीडिया जगत के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और बयानबाजी का दौर लगातार जारी है।

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