उत्तर प्रदेश

सपा सांसद अफजाल अंसारी ने की RSS प्रमुख मोहन भागवत की तारीफ, मोदी-योगी पर साधा निशाना

सपा सांसद अफजाल अंसारी का हालिया बयान भारतीय राजनीति में बहस का केंद्र बन गया है। गाजीपुर में बिजली आपूर्ति की रिव्यू बैठक के बाद उन्होंने जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की खुले दिल से तारीफ की, वो उनके राजनीतिक तेवरों में नए बदलाव का संकेत देता है।

अफजाल अंसारी ने खुलकर कहा कि, मोहन भागवत का देश को एकता और भाईचारे की जरूरत बताना और नफरत के कारोबार को बंद करने की अपील करना स्वागत योग्य है। उन्होंने माना कि “हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व करने वाला आरएसएस से बड़ा कोई संगठन दुनिया में नहीं है

अगर इसके प्रमुख कहते हैं कि हर मंदिर या तीर्थस्थल में शिवलिंग खोजने की कोशिश से देश कमजोर होगा, तो इस बयान को गंभीरता से लेना चाहिए।” ये सराहना उन्होंने सार्वजनिक मंच पर की और बाकायदा दूसरे धार्मिक नेताओं से भी अपील की कि उन्हें इस सकारात्मक संदेश से सीख लेनी चाहिए।

मोहन भागवत ने हाल में अपने बयान में कहा था कि इस्लाम कोई नया धर्म नहीं, बल्कि सदियों से भारत का हिस्सा है। अफजाल अंसारी ने इस बयान को भी सराहा और कहा, “इस्लाम बहुत लंबे समय से भारत में है और मोहन भागवत ने इस सच्चाई को खुलकर स्वीकार किया है।”

भागवत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत में इस्लाम का हमेशा एक स्थान रहेगा और हिंदू और मुसलमान एक ही सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हैं, उनकी पूजा पद्धति भले ही भिन्न हो।

उनका कहना है कि हिंदुत्व को लेकर किसी अन्य संगठन की तुलना में आरएसएस की सामाजिक पकड़ ज्यादा है। अगर उसके प्रमुख भारत की एकता, भाईचारे, धर्मनिरपेक्षता और समन्वय का संदेश दे रहे हैं, तो ये पूरे समाज की भलाई के लिए है

जहां एक तरफ अफजाल अंसारी आरएसएस प्रमुख के बयानों की प्रशंसा करते दिखे, वहीं दूसरी ओर उन्होंने दिल्ली के “आका” यानी प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के “आका” यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निजी हमला बोला।

उन्होंने कहा, “दिल्ली में बैठे आका का कोई परिवार नहीं है, यूपी में बैठे आका का भी कोई परिवार नहीं है। जिसका परिवार नहीं होता, वो दूसरों का दर्द नहीं समझ सकता।” यहां अंसारी ने उन पर परिवारवादी राजनीति के आरोपों को पलटते हुए चाणक्य का हवाला भी दिया, कि “जिसका परिवार नहीं, उसे राजा नहीं बनाना चाहिए”।

राजनीतिक सवालों का जवाब देते हुए अंसारी ने बिहार में राष्ट्रीय स्तर के गठबंधन INDIA पर भी अपनी राय दी। उन्होंने गाहे-बगाहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेकर उन्हें “बड़े नेता” बताते हुए सम्मान दिया… लेकिन सीधा नाम लेने से परहेज किया।

वहीं उन्होंने यह कहा कि, बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘अवध-मगध’ का बयान सही दिशा है। उनके अनुसार, इस बार बिहार में तेजस्वी यादव की मुख्यमंत्री बनने की संभावना पूरी तरह है।

अफजाल अंसारी का ये बयान भारतीय राजनीति में नए आयाम जोड़ता है। जहां वे एक तरफ राष्ट्रीय चुनावी गणित में नए घटकों की ओर इशारा करते हैं, वहीं दूसरी ओर घोर विरोधी माने जाने वाले आरएसएस प्रमुख के बयान का सराहना करना, राजनीतिक संवाद और सहिष्णुता की जरूरत को रेखांकित करता है।

अफजाल अंसारी ने ये संकेत भी दिया कि, सिर्फ हिंदू-मुस्लिम नहीं, बल्कि सभी धर्मगुरुओं, राजनेताओं और संगठनों को आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सौहार्द की मिसाल कायम करनी चाहिए।

राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है, जब विरोधी खेमों के नेता खुले मंच से एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं। अफजाल अंसारी का आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की खुली सराहना, और प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर तीखा हमला, आने वाले समय में न केवल उत्तर प्रदेश-बिहार जैसे राज्यों की सियासत, बल्कि राष्ट्रीय संवाद को भी प्रभावित कर सकता है।

ये बयान राजनीतिक विचारधारा की अस्थिरता, संवाद की जरूरत और भारतीय लोकतंत्र के जटिल स्वरूप का एक अनूठा उदाहरण है।

admin

Recent Posts

IRCTC तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, आधार OTP से होगी सुरक्षा मजबूत

आज के डिजिटल समय में ज्यादातर लोग अपने जरूरी काम ऑनलाइन ही करना पसंद करते…

30 minutes ago

राशन की दुकान में घुसा जंगली हाथी, चावल की बोरियां फाड़कर खाने लगा

केरल के इडुक्की जिले से इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की एक अनोखी…

2 hours ago

Sonam Wangchuk ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन | PM Modi का संदेश | NEET Paper Leak | CJP |

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने भूख हड़ताल (अनशन) को समाप्त…

3 hours ago

सोनम वांगचुक ने इन 3 अश्वासन पर खत्म किया अनशन, जानिए क्या है ?

सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर…

3 hours ago

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े, दीपके का आया बयान

NEET पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक…

3 hours ago

दिल्ली में झमाझम बारिश से मिली राहत, लेकिन कई राज्यों में बना बाढ़ का संकट

राजधानी दिल्ली में आखिरकार बारिश ने दस्तक दे दी है। शहर के कई इलाकों में…

3 hours ago