Categories: Uncategorized

शारदीय नवरात्रि 2024: जौ बोने का महत्व और विधि

नवरात्रि, हिंदू धर्म में एक विशेष पर्व है, जिसे मां दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह पर्व 9 रातों तक चलता है और इस दौरान देवी की विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 12 अक्टूबर 2024 को समाप्त होगी। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त अनेक धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

जौ का महत्व

नवरात्रि के पहले दिन जौ बोने की परंपरा है, जिसे ज्वार या खैत्री भी कहा जाता है। जौ को पवित्र अन्न माना जाता है और इसकी पूजा से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जौ समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली का प्रतीक है। नवरात्रि में जौ बोने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।

जौ बोने की विधि

आवश्यक सामग्री

  1. जौ के दाने: जितनी मात्रा में बोना है।
  2. मिट्टी का पात्र: साफ और पवित्र।
  3. गंगाजल: पवित्रता के लिए।
  4. स्वास्तिक बनाने के लिए सामग्री: जैसे चावल या रंग।
  5. मोली: पात्र के चारों ओर बांधने के लिए।
  6. पवित्रता के लिए फूल और अक्षत: देवी को अर्पित करने के लिए।

विधि

  1. स्नान और वस्त्र: सबसे पहले स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
  2. पूजा स्थान की सफाई: मंदिर या पूजा घर को साफ करें और गंगाजल छिड़कें।
  3. पात्र की तैयारी: मिट्टी का पात्र लें और उसे गंगाजल से पवित्र करें।
  4. मिट्टी की परत: पात्र में साफ मिट्टी की एक परत बिछाएं।
  5. जौ बोना: अब जौ के दानों को मिट्टी की परत पर रखें और फिर से मिट्टी की परत चढ़ा दें।
  6. स्वास्तिक बनाना: पात्र के नीचे स्वास्तिक बनाएं और उस पर पात्र रखें।
  7. मोली बांधना: पात्र के चारों तरफ मोली बांधें।
  8. आरती और जल देना: इस पात्र को देवी मां की मूर्ति या तस्वीर के सामने रखकर पूजा करें।
  9. पानी डालना: नवरात्रि के पहले दिन इस पात्र में साफ पानी डालें।

जौ पूजा के नियम

  1. जौ की मात्रा: पात्र के आकार के अनुसार ही जौ की मात्रा लें।
  2. जल की मात्रा: पानी भी उसी मात्रा में डालें।
  3. आरती: नवरात्रि के हर दिन पूजा के बाद जौ को आरती दिखाएं।
  4. प्रणाम: जौ यानी खेत्री माता को प्रणाम करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
  5. अंतिम दिन की प्रक्रिया: नवरात्रि के आखिरी दिन खेत्री मां से भूलचूक के लिए माफी मांगें और कुछ जौ माता को अर्पित करें।

जौ पूजा का महत्व

नवरात्रि के दौरान जौ यानी खेत्री देवी की पूजा विशेष महत्व रखती है। यह मां दुर्गा का शाकुम्बरी स्वरूप माना जाता है, जो सुख और समृद्धि लाने वाली होती हैं। जौ की पूजा से न केवल घर का वातावरण पवित्र होता है, बल्कि यह घर में खुशहाली और समृद्धि का भी संकेत देता है।

जौ विसर्जन की विधि

नवरात्रि के अंत में, जौ को विसर्जित करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है:

  1. कुछ जौ परिवार के सदस्यों को दें: ताकि वे भी मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
  2. कुछ तिजोरी में रख लें: धन की वृद्धि के लिए।
  3. बाकी जौ को जल में विसर्जित करें: जैसे नदी, तालाब आदि में।
admin

Recent Posts

लखनऊ में बनेगा यूपी का नया विधानसभा भवन, कमल की आकृति में होगा भव्य परिसर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही नया विधानसभा परिसर बनने जा रहा है।…

12 minutes ago

IRCTC तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, आधार OTP से होगी सुरक्षा मजबूत

आज के डिजिटल समय में ज्यादातर लोग अपने जरूरी काम ऑनलाइन ही करना पसंद करते…

51 minutes ago

राशन की दुकान में घुसा जंगली हाथी, चावल की बोरियां फाड़कर खाने लगा

केरल के इडुक्की जिले से इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की एक अनोखी…

2 hours ago

Sonam Wangchuk ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन | PM Modi का संदेश | NEET Paper Leak | CJP |

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने भूख हड़ताल (अनशन) को समाप्त…

3 hours ago

सोनम वांगचुक ने इन 3 अश्वासन पर खत्म किया अनशन, जानिए क्या है ?

सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर…

3 hours ago

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े, दीपके का आया बयान

NEET पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक…

3 hours ago