भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक बार फिर नई ऊंचाइयों को छुआ, जब सेंसेक्स ने 327 अंकों की वृद्धि दर्ज की और 84,831 पर खुला। निफ्टी50 ने भी पहली बार 25,900 के पार जाने का नया रिकॉर्ड बनाया, जो 25,891 पर कारोबार करता दिखा। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझानों के चलते भारतीय बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों ने भी हरे निशान पर शुरुआत की।
सेंसेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों ने बढ़त दर्ज की, जो इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा बाजार में बढ़ रहा है। इनमें प्रमुख हैं:
हालांकि, कुछ कंपनियों में गिरावट भी देखी गई, जैसे:
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता की उम्मीद ने भारतीय शेयर बाजार को सकारात्मक दिशा दी है। जानकारों को यह आशंका है कि बुधवार को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में 50 आधार अंकों की दर में कटौती की संभावना है। सीएमई फेडवॉच के अनुसार, अगली फेड नीति बैठक में यह संभावना 50.3% है।
सेक्टोरल मोर्चे पर भी निफ्टी फार्मा में 1% और निफ्टी ऑटो में 0.9% की वृद्धि देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मीडिया, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों में भी बढ़त हुई।
वोडाफोन आइडिया ने नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ 3.6 बिलियन डॉलर के नेटवर्क उपकरण सौदे पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 8% की वृद्धि हुई। इस सौदे ने वोडाफोन आइडिया के लिए दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं बढ़ाई हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास फिर से मजबूत हुआ है।
बीएचईएल ने एनटीपीसी से 6,100 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त किया, जिसके चलते इसके शेयरों में 3% से अधिक की बढ़त देखी गई। यह ऑर्डर बीएचईएल की स्थिरता और बढ़ती मांग को दर्शाता है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा।
शेयर बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। अधिकांश विश्लेषक मानते हैं कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है, तो भारतीय बाजार में और भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही, निवेशकों को उच्च लाभ के अवसरों की तलाश में रहना चाहिए, विशेषकर उन कंपनियों में जो स्थिरता और विकास की संभावनाएं दिखा रही हैं।
जैसे-जैसे निवेशक और विश्लेषक भारतीय बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सेंसेक्स और निफ्टी अपनी इस बढ़त को बनाए रख पाते हैं। यदि फेडरल रिजर्व की बैठक में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
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