हिमाचल में 7 सितंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद
हिमाचल प्रदेश में जहां एक ओर भारी बारिशा और बादल फटने जैसे आपदाओं की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है…वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी शुरू हो गई… बात करें, लाहौल स्पीति के बारालाचा की…
तो यहां सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है… जिससे बारालाचा टॉप पर तीन ट्रक फंस गए… जिसके बाद पुलिस को रेस्क्यू कर फंसे ट्रकों को निकालना पड़ा…
हिमाचल में ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में भूस्खलन और भारी बारिश की वजह से नदियों का बढ़ता जलस्तर…. लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बनता जा रहा है। जगह-जगह सड़कें बंद हो गई हैं, कई घर गिर गए हैं… लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाया जा रहा है।
वही रामपुर से शिमला आ रही एक प्राइवेट बस बिथल के पास हादसे का शिकार हो गई। पहाड़ी से अचानक बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरकर बस पर आ गिरीं। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और करीब 15 यात्री घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद प्रशासन ने इस रूट को बंद कर दिया है।
इस हादसे को लेकर शिमला में डीसी और एसपी की रिव्यू मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हालात पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने बताया कि, राज्य सरकार ने एयरफोर्स से 5 हेलिकॉप्टर मांगे हैं। इन हेलिकॉप्टरों की मदद से भरमौर और अन्य दुर्गम इलाकों में फंसे श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुरक्षित निकाला जाएगा।
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते शिक्षा विभाग ने 7 सितंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। इस दौरान शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को भी छुट्टी दी गई है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने आदेशों में कहा कि, स्कूलों के मुखिया सुनिश्चित करें कि अगले चार दिन तक ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहें।
मंडी जिले के जोगेंद्रनगर उपमंडल के कुंडुनी गांव में पहाड़ दरकने से 10 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। वहीं 6 से ज्यादा घरों में दरारें आ गई हैं और वे गिरने के कगार पर हैं। प्रशासन ने तुरंत गांव को खाली करवाया और 24 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में देर रात हुए भूस्खलन की चपेट में दो घर आ गए। इस हादसे में NDRF का एक जवान समेत 2 लोग मलबे में दब गए। राहत और बचाव दल ने काफी कोशिश के बाद दोनों को बाहर निकाला। इससे पहले मंडी के सुंदरनगर में भूस्खलन से दो घर मलबे में दब गए थे, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल थे।
शिमला के रामपुर इलाके में स्थित विश्वकर्मा मंदिर का एक हिस्सा भूस्खलन की वजह से टूट गया। इसके अलावा शिमला के कृष्णानगर इलाके में छह घरों में दरारें आ गईं, जिसके बाद प्रशासन ने इन्हें खाली करवा दिया।
हिमाचल में लगातार बारिश की वजह से नदियां और नाले उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें बंद हो चुकी हैं। बिजली और पानी की सप्लाई भी कई इलाकों में बाधित है।
प्रशासन लगातार अलर्ट पर है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। सीएम सुक्खू ने कहा है कि केंद्र सरकार से भी मदद मांगी गई है। NDRF और सेना की टीमें कई जिलों में तैनात कर दी गई हैं।
हिमाचल प्रदेश इस समय प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रहे हादसों से अब तक कई लोगों की मौत हुई हैं, सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी है।
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