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100 साल के सफर पर RSS का शताब्दी समारोह, मोहन भागवत विदेश दौरे पर, देशभर में 7 बड़े कार्यक्रम

100 साल के सफर पर RSS का शताब्दी समारोह

 

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस साल अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। ये अवसर न केवल संगठन के लिए बल्कि उसके विचारों से जुड़े समाज के व्यापक वर्ग के लिए भी महत्वपूर्ण है। संघ ने 2 अक्टूबर 2025 से लेकर 20 अक्टूबर 2026 तक देशभर में सात बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।

इस दौरान हर स्तर पर, मोहल्ले से लेकर प्रांत तक, संघ की गतिविधियों को समाज के सामने रखा जाएगा। पश्चिम बंगाल में इसकी शुरुआत नवरात्रि के पहले दिन से हो चुकी है, जबकि अन्य राज्यों में ये सिलसिला दशहरे के दिन से प्रारंभ होगा

संघ ने जिन सात प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है, उनका मकसद संगठन की सौ साल की यात्रा, उसकी चुनौतियों और भविष्य के समाधान को लोगों तक पहुँचाना है। जिसमें विजयादशमी उत्सव – इसमें मंडल और बस्ती स्तर पर स्वयंसेवक व उनके परिवार शामिल होंगे।

देशभर में इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी। गृह संपर्क अभियान – स्वयंसेवक घर-घर जाकर 15 मिनट संघ की जानकारी देंगे। ये अभियान तीन सप्ताह तक चलेगा। जन गोष्ठियां – मजदूर यूनियनों, ऑटो चालकों और प्रबुद्ध वर्ग के बीच संवाद होगा

हिंदू सम्मेलन – नगर और खंड स्तर पर सामाजिक वर्गों को जोड़ने वाले सम्मेलन होंगे। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 1989 और 2006 में आयोजित किए गए थे। सद्भाव बैठकें – एक महीने तक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाओं और संतों के साथ बैठकें होंगी।

युवा सम्मेलन – 15 से 40 वर्ष तक के युवाओं के लिए खेल-कूद और विचार गोष्ठियों का आयोजन। शाखा विस्तार – एक सप्ताह सुबह और शाम की शाखाओं का देशभर में विस्तार किया जाएगा।
ये कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं होंगे, बल्कि संघ का प्रयास रहेगा कि, समाज के विभिन्न तबकों से सीधा संवाद स्थापित किया जा सके।

संघ प्रमुख मोहन भागवत भी इस दौरान विदेश यात्रा करेंगे। वे अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में संघ से जुड़े कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। किन-किन देशों की यात्रा की जाएगी, इसका अंतिम निर्णय नवंबर 2025 में जबलपुर में होने वाली कार्यकारी मंडल की बैठक में लिया जाएगा।

संघ का मानना है कि, वैश्विक स्तर पर भी संगठन के विचारों को साझा करना और प्रवासी भारतीयों से जुड़ना शताब्दी वर्ष का अहम हिस्सा होगा।

हर साल की तरह इस बार भी संघ प्रमुख मोहन भागवत का दशहरा भाषण विशेष महत्व रखता है। बताया जा रहा है कि, इस बार वे कई अहम मुद्दों पर बोल सकते हैं। जिसमें भारतीय सेना के पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर, जातिगत जनगणना, जनसंख्या नियंत्रण, आतंकवाद और पाकिस्तान से जुड़े विषय शामिल होंगे।

संघ की कोशिश होगी कि, देश के सामने अपनी सोच और दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से रखा जाए।

संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में कई दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी। 2 अक्टूबर को नागपुर में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। ये पहली बार नहीं है जब कोई पूर्व राष्ट्रपति संघ के कार्यक्रम में शामिल हो रहा है। 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी नागपुर में संघ के एक ट्रेनिंग कैंप के समापन समारोह में पहुंचे थे

इसके अलावा, 5 अक्टूबर को अमरावती में होने वाले कार्यक्रम में भारत के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की मां कमलताई गवई को चीफ गेस्ट बनाया गया है। उनकी मौजूदगी इस कार्यक्रम को और खास बनाएगी।

संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों का मकसद केवल जश्न मनाना नहीं है। संगठन चाहता है कि, वे अपने सौ साल के सफर को समाज के सामने रखे और ये दिखाए कि, किस तरह से उसने शिक्षा, सेवा, संगठन और समाज को जोड़ने का काम किया। आने वाले समय में चुनौतियों पर भी चर्चा होगी – चाहे वह जातिगत असमानता हो, बढ़ती जनसंख्या, आतंकवाद या पड़ोसी देशों से जुड़ी समस्याएं।

दिलचस्प बात ये है कि, RSS ने शताब्दी वर्ष की शुरुआत पश्चिम बंगाल से की है। नवरात्रि के पहले दिन से वहां कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि, राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बंगाल संघ के लिए एक अहम राज्य है। संघ की कोशिश होगी कि, वहां वे अपने आधार को और मजबूत कर सके।

2 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर ये कार्यक्रम 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यानी पूरे एक साल तक अलग-अलग राज्यों और शहरों में संघ से जुड़े आयोजन होते रहेंगे। ये सिलसिला दशहरे से अगले दशहरे तक जारी रहेगा। संघ का दावा है कि, ये भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में एक नई ऊर्जा लेकर आएगा।

RSS का ये शताब्दी वर्ष कार्यक्रम संगठन के इतिहास, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने की कोशिश है। देशभर में होने वाले आयोजन न केवल स्वयंसेवकों को बल्कि आम जनता को भी संघ की कार्यप्रणाली और सोच से रूबरू कराएंगे। इस दौरान सरकार, न्यायपालिका और समाज से जुड़े दिग्गज लोगों की मौजूदगी इन आयोजनों को और भी खास बना देगी।

 
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