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“Rights of Sanatanis”: BJP नेता संगीत सोम को बांग्लादेश से मिली धमकी, धमकी में संगीत सोम को जहन्नुम पहुंचाने की कही बात, धमकी को लेकर BJP के नेता संगीत सोम का बयान-, “सनातनियों के हक की बात करते रहेंगे”

“Rights of Sanatanis”: BJP नेता संगीत सोम को बांग्लादेश से मिली धमकी

 

यूपी बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और मेरठ की सरधना सीट से पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्हें बांग्लादेश से धमकी भरे कॉल और मैसेज भेजे गए हैं। इस मामले को लेकर संगीत सोम की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।

 

संगीत सोम के अनुसार, धमकी भरे कॉल और संदेश उनके निजी सचिव चंद्रशेखर सिंह के मोबाइल नंबर पर आए। शिकायत में बताया गया है कि 5 जनवरी की सुबह एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए संगीत सोम को जान से मारने की धमकी दी। कॉलर ने न केवल हत्या की धमकी दी, बल्कि बम से उड़ाने जैसी बातें भी कहीं। शिकायत के अनुसार, कॉल करने वाले ने खुद को बांग्लादेशी बताया और कहा कि वह संगीत सोम और उनके पूरे परिवार को खत्म कर देगा।

 

पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने फोन पर कहा कि वह संगीत सोम को जल्द ही ‘जहन्नुम’ पहुंचा देगा। इसके साथ ही आरोपी ने भारत के समाचार चैनलों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी। कॉल के दौरान लगातार गाली-गलौज की गई और कॉलर ने यह भी कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

 

पूर्व विधायक संगीत सोम ने पुष्टि की है कि उनके सचिव की ओर से सरधना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से कॉल और मैसेज आए हैं, वह बांग्लादेश का बताया जा रहा है। संबंधित नंबर को पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल करने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है।

 

मेरठ पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी मिलने के चलते साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस कॉल डिटेल्स, मैसेज और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या है। फिलहाल संगीत सोम की सुरक्षा को लेकर भी एहतियाती कदमों पर विचार किया जा रहा है।

 

धमकी की खबर सामने आने के बाद संगीत सोम के समर्थकों में आक्रोश देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि इस तरह की धमकियों से नेता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, संगीत सोम ने स्पष्ट कहा है कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे सनातनियों के हक की बात करते रहेंगे और किसी भी दबाव या डर से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

 

गौरतलब है कि हाल के दिनों में संगीत सोम अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर खुलकर बयान दिए थे और इस मुद्दे पर सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिसको लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी बहस देखने को मिली। इन्हीं बयानों के बाद से उनके खिलाफ माहौल गर्म बताया जा रहा है।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता ने भी धमकी मिलने का दावा किया है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता दुबे ने कहा कि उन्हें भी धमकी भरे संदेश और गालियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी बात जनता के सामने रखी थी, जिसके बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

 

दुबे के अनुसार, उन्होंने यह मांग की थी कि बांग्लादेश के किसी भी खिलाड़ी को भारत में प्रवेश न दिया जाए और उनके साथ क्रिकेट न खेला जाए। उनका कहना है कि भारतीय जनता की भावनाओं को बीसीसीआई ने समझा, लेकिन बांग्लादेश के कुछ लोगों को यह बात नागवार गुजरी। इसी वजह से उन्हें और उनके देश को गालियां दी जा रही हैं और धमकियां मिल रही हैं।

 

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता ने मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि लोकतांत्रिक देश में अपनी बात रखना अपराध नहीं होना चाहिए और धमकी देने वालों को कानून के दायरे में लाया जाना जरूरी है।

 

संगीत सोम को मिली धमकी और शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता के दावे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सोशल मीडिया, फोन कॉल और अंतरराष्ट्रीय नंबरों के जरिए दी जा रही धमकियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां कितनी तैयार हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने अब चुनौती है कि वे इन मामलों में तेजी से कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नेता या नागरिक की सुरक्षा से समझौता न हो।

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