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100 days to 125 days: CM योगी ने बताया जी राम जी से कैसे होगा फायदा ?, “100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों की रोजगार गारंटी”, कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन पर भी बोला तीखा हमला

100 days to 125 days: CM योगी ने बताया जी राम जी से कैसे होगा फायदा ?

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता के दौरान ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए कानून विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबीजी राम जी अधिनियम 2025 के मुख्य प्रावधानों को विस्तार से सामने रखा। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लाया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और पारदर्शी सुधार बताया।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों को साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मजदूरी भुगतान में देरी होने पर अनिवार्य रूप से मुआवजा देना होगा, जिसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों को समय पर मेहनताना मिलेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबीजी राम जी अधिनियम के तहत यदि किसी पात्र व्यक्ति को मांग करने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो अब बेरोज़गारी भत्ता उसका कानूनी अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान ग्रामीण बेरोज़गारी से निपटने के लिए एक बड़ा कदम है और इससे सरकार की जवाबदेही भी तय होगी। योगी आदित्यनाथ ने इसे गरीब, मजदूर और किसान हितैषी कानून करार दिया।

 

इस कानून का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सुधार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, किसानों और मजदूरों को सशक्त बनाएगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। उनके मुताबिक, यह कानून केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि आजीविका और स्थायी विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है।

 

पत्रकार वार्ता के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दलों ने दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा, गरीबों और युवाओं को भूख, बेरोज़गारी और पलायन की ओर धकेला, वे अब ग्रामीण भारत को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए इस पारदर्शी सुधार पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे दलों को ग्रामीण हितों की चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबीजी राम जी अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए लाया गया है। उनके अनुसार, यह कानून गांव-केंद्रित विकास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो रोजगार की गारंटी देगा, आजीविका सुनिश्चित करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति देगा।

 

इस पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। इसके अलावा निषाद पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और अपना दल (एस) समेत एनडीए के सहयोगी दलों के मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इसे एनडीए की सामूहिक प्रतिबद्धता बताया और कहा कि यह कानून केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय का परिणाम है।

 

योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा टिकाऊ संपत्ति के निर्माण में विफल रहा। उन्होंने कहा कि इस योजना में फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी, मजदूरी भुगतान में देरी, कमजोर सोशल ऑडिट और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं व्याप्त थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, श्रमिकों को अक्सर समय पर काम और भुगतान नहीं मिल पाता था।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मनरेगा के चलते किसानों को बुवाई और कटाई के मौसम में मजदूरों की भारी कमी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि नया कानून इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि कृषि कार्य और ग्रामीण रोजगार के बीच संतुलन बनाया जा सके।

 

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर हमला जारी रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस कानून का विरोध करने वालों को डर है कि पारदर्शी सुधारों के समर्थन से उनकी पिछली नाकामियां उजागर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि जनता यह पूछने लगे कि जब ये दल सत्ता में थे तब ऐसे सुधार क्यों नहीं किए गए, तो उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति अब तथ्यों से ज्यादा भ्रम और आशंकाओं पर आधारित है।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीबीजी राम जी अधिनियम ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है और इसके जरिए सरकार का लक्ष्य गांवों में सम्मानजनक रोजगार, समय पर भुगतान और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।

Kirti Bhardwaj

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