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हिमाचल प्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया जब प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर NHAI के अधिकारियों से मारपीट करने के आरोप में FIR दर्ज हो गई। यह मामला सिर्फ राज्य ही नहीं, केंद्र तक भी पहुंच गया, और अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस पर नाराजगी जता चुके हैं। दरअसल पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और उनके साथियों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पीआईयू शिमला के मैनेजर अचल जिंदल से कथित रूप से मारपीट का आरोप है। इस हमले के बाद जिंदल गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। अब यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सीधे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गुस्से में नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “NHAI के प्रबंधक अचल जिंदल पर हुआ हमला बेहद निंदनीय और कानून के शासन का अपमान है। यह एक लोक सेवक की व्यक्तिगत सुरक्षा और संस्थागत गरिमा पर हमला है। मैंने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से दोषियों के खिलाफ तत्काल और अनुकरणीय कार्रवाई की मांग की है।” गडकरी का यह बयान साफ संकेत है कि केंद्र सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेने वाली है। यह घटना शिमला में हुई, जहां अचल जिंदल NHAI के प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

घटना 30 जून को शिमला में हुई

बताया जा रहा है कि यह घटना 30 जून को शिमला में हुई। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह एक 5 मंजिला बिल्डिंग के ढहने की जगह का निरीक्षण करने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि NHAI की फोरलेन कटिंग के कारण मकान की नींव कमजोर हो गई, और बारिश में पूरी इमारत गिर गई। निरीक्षण के बाद, मौके पर मौजूद NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल और साइट इंजीनियर के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्हें कमरे में बंद कर पानी से भरा घड़ा सिर पर दे मारा गया, जिससे एक अधिकारी को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हांलाकि इस घटना के बाद शिमला पुलिस ने पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और 6 अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
वहीं जब पत्रकारों ने मंत्री से इस पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा, वो इस मामले में कोई बयान नहीं देना चाहते।

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