उत्तर प्रदेश

UP Budget 2025: उत्तर प्रदेश विधानसभा के योगी बोले- संगम का जल नहाने योग्य, मानव मल की अफवाह फैला रहा विपक्ष; भगदड़ को लेकर भी घेरा

UP Budget Session: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ पर सपा पर हमला किया

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के लोग पहले दिन से ही महाकुंभ का विरोध कर रहे हैं और सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाकुंभ में अब तक 56 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं, और अफवाह फैलाने वाले उन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे संगम के जल को गंदा बताकर महाकुंभ की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि यह सनातन संस्कृति का आयोजन है, और इसके विरोध करने वाले संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।

सीएम ने सपा पर तीखा हमला किया

सीएम ने सपा के नेताओं द्वारा महाकुंभ को लेकर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने महाकुंभ को मृत्युकुंभ कहा और लालू प्रसाद यादव ने इसे फालतू की बात बताया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी का भी जवाब देते हुए कहा कि महाकुंभ की भगदड़ की बात करना निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सनातन धर्म का पालन करना अपराध है तो हम हजार बार ऐसा अपराध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ का आयोजन विरोध और उपहास से होकर स्वीकृति तक पहुंचता है, और इस स्वीकृति का प्रमाण यह है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद चुपचाप महाकुंभ में स्नान करने गए थे।

उर्दू और अंग्रेजी को लेकर नेता प्रतिपक्ष का सवाल

यूपी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने उर्दू को लेकर सीएम योगी से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या गोरखपुर के प्रसिद्ध शायर रम्पत शाह फिराक और उर्दू साहित्य में योगदान देने वाले लोग कठमुल्ला थे? उन्होंने यह भी कहा कि वह अंग्रेजी का विरोध नहीं करते, लेकिन सदन की कार्यवाही में हिंदी, अवधी, ब्रज, भोजपुरी और उर्दू को शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सपा के नेता अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन दूसरों को उर्दू पढ़ाना चाहते हैं।

बिजली के निजीकरण पर विपक्ष की चिंता

विधानसभा में विपक्ष ने बिजली के निजीकरण को लेकर अपनी चिंता जताई और इसे रोकने की मांग की। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि बिजली विभाग का निजीकरण राज्य के लिए जरूरी है और इससे कर्मचारियों के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण से बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे और राज्य के विकास के लिए यह कदम आवश्यक है।

बजट पर वित्त मंत्री की टिप्पणी

वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यूपी का बजट जनकल्याणकारी होगा और गरीबों तथा मध्यम वर्ग के लोगों के लिए विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ढांचागत विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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