यह बस 52 सीटर है, लेकिन इसमें 147 सवारियां बैठी थीं। इतना ही नहीं, बस में 10 मकान की चौखट, एक अलमारी, 2 बाइक, साइकिल, पानी, खाना और घर के हर समान के दर्जनों लगेज भी थे।
ट्रैफिक इंचार्ज रणबीर मान ने इस बस को 2 किलोमीटर तक पीछा करते हुए गोहाना रोड पर सुविधा शोरूम के पास पकड़ा। जब उन्होंने बस को रुकवाकर खाली करवाया तो सबके होश उड़ गए। सड़क पर सवारियां ही सवारियां दिखाई देने लगीं।
बस चालक के पास ना तो लाइसेंस था, ना आरसी थी। बस की हाइट भी सामान्य बस से बहुत ज्यादा थी।
ट्रैफिक इंचार्ज ने बस का चालान काटकर उसे एम्प्पाउंड कर दिया।
यह घटना यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने और लोगों की जान जोखिम में डालने का एक ज्वलंत उदाहरण है।
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