illegal construction: अवैध निर्माण पर उत्तराखंड सरकार का एक्शन
मान लीजिए आपकी कोई जमीन खाली पड़ी हुई है, और आप कही और रह रहे है… और आप इस बात से संतुष्ट हैं कि, आपकी जमीन सुरक्षित है… लेकिन जब आप वहां पहुंचते हैं और देखते हैं, आपकी जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है… तो गुस्सा आना जायज सी बात है। हमारा पहला कदम ये ही होगा कागज दिखाओ, पुलिस बुलाओ और फिर अगर कब्जाधारी नहीं मानते है, तो केस चलाओ… लेकिन अब यही सोचिए किसी सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ हो और उस पर अवैध निर्माण कर दिया गया है… जी हां, ऐसा वाकई में हुआ है, या होता है…
बहुत सी सरकारी जमीन ऐसी हैं, जिस पर लोगों ने अवैध कब्जा कर उसपर मस्जिद, मजार, मदरसे और भी ना जाने क्या-क्या बनवा रखा है। लेकिन अब उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपनी जमीन वापिस लेने की ठान ली है, और सरकार ने अवैध कब्जे वाली जमीन और अवैध अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड में अवैध मजारों और मदरसों समेत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर राज्य सरकार लगातार कार्रवाई करती हुई नजर आ रही है. अब तक 218 अवैध मदरसों को सील किया गया है… 531 अवैध मजारों को हटाया गया है, और 6500 एकड़ वन भूमि और अन्य सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है. उत्तराखंड सरकार ने पूरे प्रदेश में सरकारी जमीनों खासकर वन भूमि और सड़कों के किनारे सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए एक विशेष अभियान चला रखा है. इसके अलावा प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध मदरसों और अवैध मजारों को लेकर भी अभियान चलाया हुआ है.
सील किए गए मदरसों के खिलाफ जरूरी सरकारी कागजात नहीं मिलने पर पुलिस की ओर से इनको सील किया जा रहा है. वहीं अवैध मजारों को भी बड़े पैमाने पर हटाया गया है. प्रशासन और पुलिस द्वारा इन अवैध मजारों को हटाने पर उनके मलबे से कोई मानव कंकाल नहीं मिलने के कारण बड़े पैमाने पर ऐसी मजारों को हटाया गया है. आंकड़ों के मुताबिक उधम सिंह नगर में 66 अवैध मदरसों जो हटाया गया. हरिद्वार जिले में 81 अवैध मदरसों को हटाया गया , देहरादून में 44 अवैध मदरसों, पौड़ी में दो ,नैनीताल में 44 ,अल्मोड़ा जिले में एक अवैध मदरसों को सील किया गया.
बता दें कि उत्तराखंड में 419 मदरसे उत्तराखंड मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आते हैं. कई मदरसे ऐसे पाए गए जो उत्तराखंड और नेपाल के बॉर्डर पर मौजूद थे. लेकिन इन मदरसे के पास कोई ऐसी वैध सरकारी दस्तावेज नहीं थे, जिनके आधार पर इनको चलाने की अनुमति हो. वही अवैध निर्माण को हटाने में सबसे ज्यादा प्रदेश में वन भूमि और सड़कों के किनारे सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजारे थीं, जिनको हटाया गया है.
अब तक 513 अवैध मजारों को हटाने का काम किया गया है. जानकारी के मुताबिक अब भी 214 मजारे बची है, जिनको लेकर सर्वे किया जा रहा है और माना जा रहा है कि ये भी अवैध है. इसके अलावा प्रदेश में 38 शत्रु संपत्तियों से भी अतिक्रमण हटाया गया है. जहां पर लंबे समय से लोगों ने कब्जा किया हुआ था. कुल मिलाकर देखा जाए तो 6500 एकड़ से ज्यादा वन भूमि और अन्य सरकारी भूमियों से अतिक्रमण हटाया गया है.
अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयानों में कहा है कि प्रदेश में सरकारी जमीनों पर किया गया अतिक्रमण या निर्माण तोड़ा जाएगा. इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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