दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में लगातार बढ़ रहे गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों से एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब हलफनामे के रूप में दाखिल करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए लापता लोगों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इससे आम लोगों की सुरक्षा जुड़ी हुई है। इस केस की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
याचिका में बताया गया है कि राजधानी दिल्ली में बीते एक महीने के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। वहीं, जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में ही 807 लोगों के गुमशुदा होने के मामले सामने आए हैं। इन मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस आयुक्त से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 807 लापता लोगों में से अब तक केवल 235 लोगों का ही पता लगाया जा सका है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 191 नाबालिग और 616 वयस्क शामिल हैं।
इस मामले में दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को भी नोटिस जारी कर तय समयसीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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