पूर्व पीएम पूर्व वित्त मंत्री…योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष, पू्र्व आरबीआई गवर्नर…मशहूर अर्थशास्ती…आज हमारे बीच नहीं हैं…लेकिन उन्होंने इस देश को मुश्किल हालातों से कैसे निकाला आज हम आपको बताएंगे…. 1991 में भारत की अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी. एक अलग-थलग, कम-विकास वाली अर्थव्यवस्था से ये आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गई है. राव के साथ डॉ. मनमोहन सिंह 1991 के सुधारों के वास्तुकार थे…जिन्होंने कांग्रेस के अंदर और बाहर से हमलों का सामना किया…अर्थव्यवस्था खस्ताहाल थी… विदेशी मुद्रा भंडार 2,500 करोड़ रुपये तक गिर गया था…जो मुश्किल से 2 हफ्ते के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त था….वैश्विक बैंक ऋण देने से इनकार कर रहे थे….मुद्रास्फीति बढ़ रही थी… तभी वित्त मंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह ने आरबीआई के तत्कालीन डिप्टी गवर्नर सी रंगराजन के साथ मिलकर रुपये का अवमूल्यन किया और तत्कालीन वाणिज्य मंत्री पी. चिदंबरम के साथ साझेदारी में निर्यात नियंत्रण हटा दिया।
रायपुर: शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों के जीवन में…
रायपुर: अपना घर हर परिवार के लिए केवल चार दीवारों का नाम नहीं, बल्कि सुरक्षा,…
रायपुर: गणेशोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय जेल रायपुर के बंदियों ने आस्था, रचनात्मकता और…
रायपुर: राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज नेवरा स्थित पी. एम…
रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा…
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए गए बड़े नीतिगत सुधारों और जनकल्याणकारी फैसलों ने राज्य के…