हरियाणा IPS पूरन कुमार की मौत का मामला
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की मौत का मामला अब लगातार सुर्खियों में है। 6 दिन बीत जाने के बावजूद, मृतक के परिवार और राज्य प्रशासन के बीच गतिरोध जारी है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम अब तक नहीं हो पाया।
वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने IPS की IAS पत्नी अमनीत पी कुमार को नोटिस भेजा था, जिसमें शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया। जिसके बावजूद, पत्नी और परिवार DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने पर अड़े हुए हैं। साथ ही, पंजाब के बठिंडा से MLA और पति के भाई अमित रतन कोटफत्ता भी इस मामले में शामिल हैं।
सरकार ने परिवार को मनाने के लिए रोहतक के SP नरेंद्र बिजराणिया को पद से हटा दिया, लेकिन परिवार की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। वहीं, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का IPS की पत्नी से शोक व्यक्त करने के लिए चंडीगढ़ स्थित घर पहुंचे।
गौरतलब है कि, पूरन कुमार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी थे, जो अब तेलंगाना राज्य में शामिल हैं। इस मामले ने दलित समाज के संगठन और नेताओं को भी सक्रिय कर दिया है।
वहीं रविवार को चंडीगढ़ में हुई महापंचायत में पुलिस प्रशासन और डीजीपी को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं। देर रात उनके चीफ मीडिया एडवाइजर सुदेश कटारिया ने अमनीत पी कुमार से मुलाकात कर मामले पर चर्चा की।
साथ ही, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया और चंडीगढ़ के DGP से रिपोर्ट मांगी। आयोग ने IPS की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत और सुसाइड नोट की जांच की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ प्रशासन ने परिवार की मांगों के अनुसार पीजीआई के डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम करने का फैसला लिया है। जिसमें बैलिस्टिक विशेषज्ञ और मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया जाएगा। बैलिस्टिक विशेषज्ञ ये सुनिश्चित करेगा कि, गोली उसी पिस्टल से चली है या नहीं।
हालांकि शव को 6 दिन बीत चुके हैं, जिससे डी-कंपोजिशन शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि, इससे कई अहम सबूत जैसे गन पाउडर के अवशेष प्रभावित हो सकते हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में अपने गनमैन सुशील के खिलाफ करप्शन केस में फंसाने का आरोप लगाया था। जिसके चलते चंडीगढ़ पुलिस की SIT ने इस मामले में रोहतक में दर्ज केस की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, सरकार से इस मामले से जुड़ा रिकॉर्ड भी मांगा गया।
सुसाइड केस में पहले SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) लगाई गई थी, लेकिन अब इसे धारा 3(2)(V) में बदला गया है, जिसमें उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। पहले की धारा में केवल पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान था।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की टीम ने देर रात IPS की पत्नी से मुलाकात की। लगभग 45 मिनट चली इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जिससे पहले, उनके राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी भी परिवार से मिले थे।
वहीं, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने खुद संज्ञान लेकर चंडीगढ़ के DGP से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मृतक के सुसाइड नोट और पत्नी की शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट ADGP स्तर के अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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