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टीम इंडिया को एक्सपेरिमेंंट पड़ा भारी, वाइजैग T20 में मिली हार के बाद कप्तान सूर्या ने दी सफाई

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला विशाखापत्तनम के वाइजैग में खेला गया। इस मुकाबले को न्यूजीलैंड ने 50 रनों से जीता। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन का विशाल स्कोर बनाया जिसके जवाब में भारत की पारी 165 रनों पर सिमट गई। अब इस सीरीज में भारत 3-1 से आगे है।

आपको बताए कि इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की शुरूआत काफी जबरदस्त रही। टिम सिफर्ट और डेवोन कॉन्वे की जोड़ी भारतीय गेंदबाजों पर जमकर बरसी और पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.2 ओवर में 100 रन जोड़े। सिफर्ट ने 36 गेंदों पर 62 रन की तेज पारी खेली, जबकि कॉन्वे ने 23 गेंदों में 44 रन बनाए।

हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की कोशिश की। अंतिम 10 ओवरों में भारत ने रन गति पर कुछ हद तक अंकुश लगाया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और स्पिनर कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट झटके। इसके बावजूद डेरिल मिचेल ने अंत में 18 गेंदों पर 39 रन बनाकर न्यूजीलैंड को 200 के पार पहुंचाया।

वहीं, टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरूआत बेहद खराब रही और एक के बाद एक विकेट गिरते गए लेकिन शिवम दुबे ने एक छोर संभाले रखा। दुबे ने 23 गेंदों में तूफानी 65 रन ठोके, जबकि रिंकू सिंह ने 30 गेंदों पर 39 रन की महत्तवपूर्ण पारी खेली।

5 टी20 मैचों की सीरीज को अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम ने इस मुकाबले में प्लेइंग 11 में कुछ बदलाव करते हुए छह स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। हार्दिक पांड्या से इस मैच में गेंदबाजी नहीं कराई गई और उन्हें बल्लेबाज के तौर पर शामिल किया गया। हर्षित राणा को टीम में सातवें नंबर का खिलाड़ी रखा गया, जबकि भारतीय टीम आमतौर पर आठवें नंबर तक बल्लेबाजी गहराई रखती है। बता दें कि, भारतीय टीम का यह प्रयोग सफल नहीं रहा और भारत को इस मुकाबले में 50 रन से हार का सामना करना पड़ा.

कप्तान सूर्या ने बताई हार की वजह

मैच के खत्म होने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा- हमने जानबूझकर छह बल्लेबाजों के साथ खेलने का फैसला किया। हम पांच परफेक्ट गेंदबाज चाहते थे और खुद को चुनौती देना चाहते थे। जैसे अगर हमें 180 या 200 रन का पीछा करना पड़े और हम दो या तीन विकेट जल्दी गंवा दें, तो स्थिति कैसी रहती है, यह देखना चाहते थे, आखिर में यह ठीक है।

उन्होंने आगे कहा- हम वर्ल्ड कप स्क्वॉड का हिस्सा रहे सभी खिलाड़ियों को खिलाना चाहते थे. वरना हमारे पास दूसरे विकल्प भी थे। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले पर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम ने खुद को दबाव में परखने का इरादा रखा था। जब हमने पहले बल्लेबाजी की है, तब अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए मैं चाहता था कि खिलाड़ी जिम्मेदारी लें और देखें कि 180 या 200 रन का पीछा करते हुए, दो-तीन विकेट गिरने के बाद हम कैसे बल्लेबाजी करते हैं। यह एक अच्छी चुनौती थी और अच्छा सीखने का मौका भी।

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